भ्रष्टाचार का मामला: 25 गौ-शालाओं में बिजली फिटिंग पर 1.16 करोड़ खर्च, न अंडरग्राउंड लाइन डाली; न बोर्ड-स्विच लगे

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सागर26 मिनट पहले

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मेनलाइन से तार डालकर कनेक्शन

25 गौ-शालाओं में बिजली फिटिंग के नाम पर 1.16 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गएपिछले वर्ष 19 फरवरी को गौ-शाला विद्युतीकरण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी

जिले की 25 गौ-शालाओं में बिजली फिटिंग के नाम पर लाखों रुपए के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इन गौ-शालाओं में बिजली फिटिंग के लिए 1.16 करोड़ का ठेका भंडार क्रय नियम का पालन किए बिना ही दे दिया गया। गौ-शालाओं में बिजली फिटिंग में न तो कहीं ठीक तरह से लाइन डाली गई और न ही बोर्ड-स्विच लगाए गए।

इसके बाद भी 25 गौ-शालाओं में बिजली फिटिंग के नाम पर 1.16 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। पिछले वर्ष 19 फरवरी को गौ-शाला विद्युतीकरण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। यह पूरा मामला तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले के कार्यकाल का है। उन्होंने शासन के भंडार क्रय नियम की अनदेखी कर मनमाफिक ढंग से निजी ठेकेदार को काम दे दिया। कार्य में इतनी लापरवाही बरती गई कि गौ-शाला के अंदर दीवारों के सहारे यहां-वहां बिजली के तार अभी भी लटक रहे हैं।

तार डालने पर जलती है लाइट

सीहोरा स्थित गौ-शाला में पिछले वर्ष बिजली फिटिंग का काम किया गया। यहां लोहे के गर्डर के सहारे प्लास्टिक के पाइप से फिटिंग की गई है। जिसमें पांच पंखे लगे हैं। अंडर ग्राउंड लाइन फिटिंग नहीं की गई। बिजली के तार भी दीवारों के सहारे यहां-वहां लटके मिले। ठीक तरह से बोर्ड लगाकर स्विच नहीं लगाए गए। मौके पर मौजूद महिला ने बताया कि डीपी के पास जाकर तार जोड़ना पड़ता है। तब जाकर गौ-शाला की लाइट चालू होती है।

मेनलाइन से तार डालकर कनेक्शन

जेरई स्थित गोविंद गौ-शाला में भी बिजली फिटिंग की यही स्थिति मिली। यहां भी ठीक तरह से बोर्ड लगाकर स्विच नहीं लगाए हैं। दीवार व गर्डर के सहारे पाइप डालकर तार लटका दिए हैं। गौ-शाला में 10 ट्यूबलाइट Qर 7 पंखे लगे हैं। देखरेख कर रहे हल्लू अहिरवार ने बताया कि पिछले वर्ष सितंबर माह में बिजली फिटिंग की गई थी। गौ-शाला में लगी कम पावर की डीपी से किसानों ने मोटर चलाई। इससे डीपी जल गई। माध्यमिक स्कूल के पास वाली डीपी से लाइट ली गई है।

6 माह में वेरिफिकेशन रिपोर्ट नहीं दे पाए

भ्रष्टाचार की जांच करा रहे तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर केके शुक्ला ने गड़बड़ी सामने आने के बाद बिजली कंपनी के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर 25 गौ-शालाओं में किए गए बिजली फिटिंग के कामों की वेरिफिकेशन रिपोर्ट मांगी। इसमें उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर देखा जाए कि बिजली की फिटिंग व इलेक्ट्रिक सामान ठीक तरह से लगाया गया या नहीं, लेकिन बिजली कंपनी के अधिकारी 6 माह में भी इसकी जांच कर वेरिफिकेशन रिपोर्ट ज्वाइंट कमिश्नर को नहीं सौंप पाए हैं।

ज्वाइंट कमिश्नर बिजली कंपनी के अधिकारियों को एक-दो बार जल्द रिपोर्ट देने के लिए भी कह चुके हैं लेकिन इसके बाद भी वेरिफिकेशन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। कुछ दिन पहले ही ज्वाइंट कमिश्नर केके शुक्ला रिटायर्ड हो गए हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिव्या अशोक सिंह भी गौ-शालाओं में हुई इस गड़बड़ी की शिकायत अपर प्रमुख सचिव से कर चुकी हैं। जिसमें उन्होंने कहा कि 15वें वित्त की राशि से स्वीकृत गौ-शालाओं में बिजली फिटिंग, उर्वरक खाद व अन्य कार्य किए गए।

इन गौ-शालाओं में हुआ विद्युतीकरण का काम

गौ-शाला बरायठा, हीरापुर में 7.31 लाख, बांसा में 7.41 लाख, मुहली, रेंगाझोली, पठा खुर्द में 13 लाख, समनापुर कलां, छिरारी, बलेह में 18 लाख, बिलौआ, बमूराखेड़ा में 8.7 लाख, डूमर (खकरिया), मंसूरबावरी, राय खेड़ा में 10.56 लाख, ऐरण, लखाहार, देवल में 15.37 लाख, सीहोरा, झिला में 10.2 लाख, बरोदिया कलां, हडली में 8.5 लाख, बसाहारी, बारधा में 10.22 लाख, पडरिया और रेवझा में 6.9 लाख रुपए की लागत से विद्युतीकरण का कार्य हुआ है।

भंडार क्रय नियम का नहीं हुआ पालन

बिजली कंपनी से वेरिफिकेशन रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। इस संबंध में कलेक्टर को भी मैंने पत्र लिखा था। जांच में पाया गया है कि भंडार क्रय नियम का पालन न करते हुए ठेका दे दिया गया और भुगतान भी कर दिया। वेरिफिकेशन रिपोर्ट मिलते ही जांच पूरी हो जाएगी।- केके शुक्ला, तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर (विकास)

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