विंध्य लोक महोत्सव का शुभारंभ: रीवा में ‘बड़े भाई साहब’ के मंचन से नाटक का उद्घाटन, द्वितीय सत्र में बघेली बोली में ‘छाहुर’ की प्रस्तुति

रीवा33 मिनट पहले

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रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान तहसील परिसर स्थित मंगल भवन सभागार में तीन दिवसीय राष्ट्रीय विंध्य लोक महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। 11 सितंबर से 13 सितंबर तक चलने वाले महोत्सव के पहले दिन के प्रथम सत्र में ‘बड़े भाई साहब’ के मंचन से नाटक का उद्घाटन किया गया। वहीं द्वितीय सत्र में बघेली बोली में ‘छाहुर’ की प्रस्तुति दी गई है।

बता दें कि भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से रंग अनुभव सांस्कृतिक शिक्षा समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय विंध्य लोक महोत्सव की शुरुआत 11 सितम्बर से हो गई है। प्रथम सत्र के अतिथियों में मुख्य रूप से राजेश पाण्डेय, लालबहादुर सिंह, सुधीर अग्निहोत्री उपस्थित रहे।

आयोजकों ने बताया कि रंग अनुभव संस्कृतिक शिक्षा समिति द्वारा रीवा जिले में निरंतर मंचीय गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में रंग अनुभव के संस्थापक अध्यक्ष स्व. चंद्रिका प्रसाद मिश्रा की स्मृतियों को समर्पित पांचवां राष्ट्रीय विंध्य लोक महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

उद्घाटन के प्रथम सत्र में नाटक ‘बड़े भाई साहब’ का मंचन हुआ। इस नाटक में राजवीर तिवारी, रत्नेश गोस्वामी ने जीवंत अभिनय किया। यह प्रस्तुति आर्ट प्वाइंट संस्कृतिक शिक्षा समिति संस्था की रही। इसका निर्देशन विपुल सिंह ने किया। द्वितीय सत्र में सघन सोसाइटी भोपाल की नाट्य प्रस्तुति ‘छाहुर’ की प्रस्तुति हुई। इस नाटक का निर्देशन आनंद मिश्रा ने किया। छाहुर नाटक में स्थानीय बोली बघेली का प्रयोग किया गया। यह नाटक लोक तत्वों को सहज रूप में प्रदर्शित करता है ।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष रहे अतिथिद्वितीय सत्र में अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रणय प्रताप सिंह, कृषि स्थाई समति के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह हिनौता, रामलखन सिंह उपाध्यक्ष जनपद पंचायत उपस्थित रहे। प्रणय प्रताप ने कहा कि विंध्य लोक महोत्सव की परिकल्पना कलाकरों को मंच प्रदान करने के साथ ही जन जागरूकता को बढ़ाने बाली है। योगेंद्र सिंह ने कहा कि रंग अनुभव की पूरी टीम बधाई की पात्र है। जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्र को बड़े आयोजन के लिए चुना है।

‘सधुवा तू अब भी हंस सकता है बबुआइन पर’ 12 को मंचनद्वितीय दिवस के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए विनोद मिश्रा ने बताया कि 12 सितंबर को नाटक ‘सधुवा तू अब भी हंस सकता है बबुआइन पर’ का मंचन होगा। इस नाटक का निर्देशन विपुल सिंह ने किया है। प्रस्तुति रावेंद्र प्रताप सिंह शिक्षा सांस्कृतिक समिति रीवा की होगी। द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में महोत्सव में तृतीय एवं अंतिम दिवस नाटक संत कबीर की प्रस्तुति होगी। इस नाटक का नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन संजय मेहता ने किया है। यह नाट्य प्रस्तुति रंग शीर्ष संस्था भोपाल की होगी।

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