खुद को पिछड़ा देख ग्रामीण युवाओं के लिए की पहल: बोलचाल में उपयोग होने वाले अंग्रेजी‎ के 700 शब्दों से जुड़ी किताब तैयार‎

शाजापुर‎एक घंटा पहले

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नि:शुल्क किताब वितरण से प्रसन्नता जाहिर करते बच्चे

जिले के बोलाई गांव से एक युवा की ऐसी कहानी सामने आई, जिसने खामियों काे आधार बनाकर युवाओं के लिए कॉम्पिटीशन एग्जाम के लिए तैयार करना शुरू कर दिया। दरअसल बोलाई यशवंत सिंह सोनगरा ने साल 2006 में एनडीए की लिखित परीक्षा पास कर ली थी लेकिन इस चयन प्रक्रिया के एसएसबी (सर्विस सिलेक्शन बोर्ड) के ग्रुप डिस्कशन में वे पिछड़ गए। अपनी इसी कमी को आधार बनाकर उन्होंने बच्चों के लिए बोलचाल में उपयोग होने वाले अंग्रेजी के 700 शब्दों से जुड़ी एक किताब तैयार कर दी, जिसे ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क वितरित की।

इस किताब की सहायता से बच्चों को अंग्रेजी से संबंधित कई दिक्कतों का समाधान मिल गया। इन दिनों शाजापुर जिले में सुरक्षा एजेंसियों सहित फौज में शामिल होने का सपना हर युवा देख रहा है लेकिन उनके सामने अंग्रेजी के साथ फिजिकल तैयारियों को लेकर संसाधनों का अभाव बड़ी परेशानी बना हुआ है। सोनगरा ने जब खुद को इन परेशानियों के कारण पिछड़ते देखा तो उन्होंने आने वाली पीढ़ी के लिए आधार बनाने के लिए सबसे पहले एक किताब शिक्षार्थ तैयार की।

इसमें सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी और कॅरियर मार्गदर्शन से संबंधित जानकारी का समावेश किया। इस किताब के सहारे क्षेत्र के करीब 8-0 से ज्यादा हाई स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई करने में मदद मिल रही है।

पथरीली जमीन को युवाओं ने बना दिया खेल मैदानग्राम के संतोष नायक ने बताया गुलाना बोलाई क्षेत्र से कई युवा पुलिस और फौज में शामिल होने का सपना देख रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्र मंे युवाओं को तैयारी करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं मिलते हैं। गांव के युवाओं की इसी परेशानी को देखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा स्कूल की जमीन पर एक खेल मैदान बनाया था लेकिन इस मैदान में रनिंग ट्रेक, हेडल्स, पुशअप बार आदि का निर्माण जुगाड़ से कर दिया। अब इसी मैदान में युवाओं की टोली फिजिकल की तैयारी कर रही है।छात्र बोले- शिक्षार्थ ने पढ़ाई को आसान कर दियाबच्चों तक पहुंची शिक्षार्थ किताब ने बच्चों की पढ़ाई आसान कर दी। ग्राम देवला बिहार के स्कूल से 12वीं कक्षा पास करने वाली राधिका शर्मा ने बताया उन्होंने इसी किताब की मदद से 79 प्रतिशत अंकाें से परीक्षा पास की। वहीं दूसरी छात्रा प्रियांक डोडिया ने भी इस किताब की मदद से कक्षा 12वीं की परीक्षा 84 प्रतिशत अंकाें से पास की।स्थानीय जानकारी मिल रही बच्चों को : बोलाई के पास स्थित ग्राम देवला बिहार के सरकारी स्कूल के शिक्षक एसएन पाटीदार ने बताया सोनगरा द्वारा तैयार की गई शिक्षार्थ किताब की खास बात यह है कि इसमें स्थानीय जानकारी का समावेश किया गया है। इससे बच्चों को छोटे स्तर पर भी जिले की संंपूर्ण जानकारी मिल रही है।

वहीं माध्यमिक शिक्षक सीएम राइज स्कूल गुलाना के रईस मंसूरी ने बताया शिक्षार्थ किताब का स्कूलों में वितरण होने के बाद बच्चो को कॅरियर से संबंधित जानकारी बच्चों को 12 कक्षा के बाद किस दिशा में जाना है, का मार्गदर्शन करती है। इधर गुलाना तहसीलदार राजाराम करजेरे ने सोेनगरा के इस प्रयास को सराहनीय बताते हुए कहा निश्चित रूप से यह किताब बच्चों के मार्गदर्शन मे मील का पत्थर साबित हो रही है। सोनगरा अपने मूल कार्य के साथ बच्चों की सुविधा के लिए जो प्रयास कर रहे हैं, उससे युवाओं की कई समस्याओ का हल होगा।

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