बारिश से बढ़ जाती है ग्रामीणों को मुश्किलें: जीरन गांव में बारिश होते ही खेत लबालब तो पुलिया नजर नहीं आती, लोगों का रास्ता हो जाता है बंद

Hindi NewsLocalMpNeemuchAs Soon As It Rains In Jiran Village, The Fields Are Full, The Culvert Is Not Visible, The Way Of The People Is Closed

नीमचएक मिनट पहले

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बारिश के दिनों में जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या आम है। बारिश खत्म होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म भी हो जाती है। लेकिन, जिले में एक गांव ऐसा भी है। जहां बारिश के दिनों में खेतों में तो पानी जमा होता ही है, साथ ही मुख्य मार्ग भी बारिश के पानी के बीच नजर नहीं आता है।

जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम उगरान और छाछखेड़ी के बीच पुलिया है। ग्राम उगरान में करीब 50 किसान परिवार है, जो खेतों में फसलों की बुआई से ही अपना जीवन-यापन करते है।

ग्रामीणों का कहना है कि, बारिश के दिनों में खेतों में पूरा पानी जमा हो जाता है। जिससे फसले पूरी तरह गल जाती है। काफी नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही ग्राम उगरान से छाछखेड़ी मार्ग पर जो पुलिया है, वह भी बारिश के पानी से लबालब हो जाती है। जिसके कारण एक से दूसरे गांव और खेतों में जाने के लिए लगभग 3 फीट गहरे पानी में से जाना पड़ता है। ऐसे में जहरीले जानवरों का खतरा भी बना रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि, कई बार जिला कलेक्टर को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया, लेकिन आज तक प्रशासन ने सुध नहीं ली। साथ ही इसी समस्या से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों को केवल और केवल आश्वासन ही मिलता है। बताया जा रहा है कि, ग्राम उगरान निवासी किसानों का ग्राम कुचड़ौद सोसायटी में लेन-देन होता है, और खाद्य-बीज लाने-ले जाने का भी यह एक ही रोड है। जो कि बारिश में बद हो जाता है।

गांव के नवरत्नदास पिता जीवनदास बैरागी का कहना है कि, ये लड़ाई बीते साल करीब 2006 से लगातार जारी है। सीएम हेल्प लाइन सहित अन्य जगहों पर कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ।

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