बैतूल में लम्पी वायरस से 5 पशुओं की मौत: नर्मदापुरम में बढ़ी चिंता, लक्षण दिखते ही पशु चिकित्सक को दिखाएं पशुपालक

नर्मदापुरम44 मिनट पहले

पशुओं में फैलने वाली लम्पी बीमारी को लेकर अलर्ट जारी है। रतलाम, खण्डवा, बुरहानपुर के बाद वायरस ने बैतूल के 10 गांवों को चपेट में ले लिया है। यहां अब तक पांच पशुओं की मौत हो चुकी है। भैंसदेही और आठनेर ब्लॉक में 200 पशुओं में बीमारी के लक्षण मिल चुके हैं। कई जिलों में लम्पी बीमारी फैलने से शासन ने मवेशियों में लक्षण दिखते ही गंभीरता से लेकर इलाज के निर्देश दिए है। प्रदेश में लम्पी की रोकथाम के लिए भोपाल के राज्य पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है।

पशु चिकित्सा विभाग ने बताया कि पशुओं में लम्पी रोग के लक्ष्ण में शुरू में बुखार आता है और वे चारा खाना बंद कर देते हैं। इसके बाद चमड़ी पर गाँठें दिखाई देने लगती है, पशु थका हुआ और सुस्त दिखाई देता है, नाक से पानी बहना एवं लंगड़ा कर चलता है। यह लक्षण दिखाई देने पर पशुपालक तुरंत अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में पशु को ले जाकर दिखायें या चिकित्सक को घर ले जाकर बीमार पशुओं का उपचार कराएं।

पशु सामान्यतः: 10 से 12 दिन में स्वस्थ हो जाता है। संक्रमित पशु को स्वस्थ पशु से तत्काल अलग करें। पशु चिकित्सक से तत्काल उपचार आरंभ कराएँ। संक्रमित क्षेत्र के बाजार में पशु बिक्री, पशु प्रदर्शनी, पशु संबंधी खेल आदि पूर्णत: प्रतिबंधित करें। संक्रमित पशु प्रक्षेत्र, घर, गौशाला आदि जगहों पर साफ-सफाई, जीवाणु एवं विषाणु नाशक रसायनों का प्रयोग करें। पशुओं के शरीर पर होने वाले परजीवी जैसे- किलनी, मक्खी, मच्छर आदि को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करें। स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण कराएँ और पशु चिकित्सक को आवश्यक सहयोग भी करें।

खबरें और भी हैं…

error: Content is protected !!