रेप के आरोपी ड्राइवर पर 3 केस, फिर भी क्लीनचिट: भोपाल में स्कूल बस में बच्ची से रेप केस में खुलासा; स्कूल प्रबंधन ने बदल दी थी बस

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भोपालएक घंटा पहले

भोपाल के एक निजी स्कूल में नर्सरी की बच्ची से दुष्कर्म मामले में नया खुलासा हुआ है। रेप के आरोपी ड्राइवर हनुमत जाटव को शाहपुरा थाना पुलिस ने पुलिस वेरिफिकेशन में क्लीनचिट दी थी, जबकि उस पर तीन केस दर्ज हैं। इधर बाल आयोग की जांच में स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच के मुताबिक बस के सीसीटीवी से मेमोरी कार्ड गायब कर दिया गया था। घटना के दूसरे दिन बस खराब होना संदेह पैदा करता है। पता चला है कि घटना 8 सितंबर को हुई थी। माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की तो उन्होंने ध्यान नहीं दिया। मैनेजमेंट ने बस और ड्राइवर दोनों बदल दिए। इसके बाद बच्ची के पिता ने केस दर्ज करवाया।

इधर, मप्र बाल आयोग के सदस्य ब्रजेश चौहान ने बताया कि घटना में स्कूल मैनेजमेंट व स्टाफ के बयान संदेह प्रकट करते हैं। बयानों के आधार पर कुछ बिंदुओं को जांच में शामिल करने के लिए पुलिस कमिश्नर को प्रतिवेदन भेजा है। इसमें आरोपी ड्राइवर हनुमत जाटव व केयर टेकर को दोबारा रिमांड पर लेने के लिए भी कहा गया है। एडिशनल डीसीपी जोन-1 श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि आरोपी ड्राइवर के खिलाफ पूर्व में दो केस दर्ज होने का पता चला है। उसकी तस्दीक की जा रही है। अभी जांच में एक से ज्यादा बच्चियों के साथ दुष्कर्म की बात सामने नहीं आई है। बाल आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद नए तथ्यों को जांच में शामिल करेंगे।

ड्रायवर ने खुद करवाया शाहपुरा थाने से सत्यापनजांच में ड्राइवर के पुलिस वेरिफिकेशन के संबंध में ट्रांसपोर्ट मैनेजर बिलाल ने कहा कि ड्रायवर हनुमंत जाटव द्वारा पुलिस वेरीफिकेशन खुद शाहपुरा थाने से कराकर लाया गया है। इसके तहत हनुमत के खिलाफ कोई भी केस दर्ज नहीं है। ट्रांसपोर्ट मैनेजर बिलाल द्वारा बताया गया था कि वह जुलाई 2022 से स्कूल में कार्यरत है। अब पता चला है कि उसके खिलाफ पहले से तीन केस दर्ज हैं। इनमें शाहपुरा थाने में मारपीट के दो और धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस एमपी नगर थाने में दर्ज है।

रीजनल फारेंसिक करेगी बस की जांचस्कूल की जिस बस में घटना हुई, अब पुलिस उसकी जांच रीजनल फाेरेंसिक साइंस लैब के जरिए करवा रही है। शुक्रवार को महिला थाना परिसर में खड़ी बस को RSS यूनिट के हवाले किया गया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी बस में बैठकर अश्लील वीडियो साहित्य देखकर अश्लील गतिविधियां करता था। जांच में आरोपी का सीमेन बस के फर्श पर तलाशा जा रहा है, ताकि केस को मजबूत किया जा सके।

वेंडर ने खोला स्कूल प्रबंधन का झूठस्कूल बस व परिसर में CCTV लगाने वाले प्राइवेट वेंडर आनंद दुबे से एसआईटी ने पूछताछ की है। आनंद दुबे ने स्कूल के डायरेक्टर नजम जमाल व फैजल अली के खिलाफ बयान दर्ज कराया है। पूछताछ में डायरेक्टर ने कहा था कि उन्होंने कई बार CCTV सुधारने के लिए दुबे को कॉल किया था। वेंडर ने पुलिस ने बताया कि एक बार सीसीटीवी लगाने के बाद दोबारा कभी उसे स्कूल प्रबंधन ने नहीं बुलाया था।

स्कूल मैनेजमेंट पर लगाईं सामान्य धाराएं

सीनियर एडवोकेट जगदीश गुप्ता बताते हैं कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा-188, पाॅक्सो एक्ट-21(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों धाराएं जमानती हैं। इनमें सात साल से कम सजा का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सभी आरोपियों को पुलिस को थाने से ही मुचलका पर छोड़ना होगा। आरोपियों को धारा 41(1) के तहत पुलिस नोटिस देगी। जब कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा, तब जज के समक्ष आरोपी पेश हो जाएंगे।

ACP बोले- जुटा रहे सबूत

इधर, एडिशनल सीपी सचिन अतुलकर ने बताया कि जांच के लिए गठित की गई SIT आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटा रही है। इसके बाद उन्हें नोटिस दिया जाएगा। साक्ष्य मिटाने की बात अभी नहीं सामने नहीं है। इसके साथ ही बाल आयोग ने भी पुलिस को रिपोर्ट नहीं दी है। आयोग रिपोर्ट देगा, तो पुलिस कार्रवाई करेगी।

शाहपुरा में आरोपी ड्राइवर के अवैध मकान को तोड़ने की कार्रवाई की गई थी।

शाहपुरा में आरोपी ड्राइवर के अवैध मकान को तोड़ने की कार्रवाई की गई थी।

स्कूलों में इन 3 स्तरों पर सुधार की तैयारी

CCTV फीड: पुलिस स्कूल मैनेजमेंट को GPS की तरह वाहनों में लगे कैमरों को ऑनलाइन करने पर विचार करें। इसकी फीड GPS की तरह अभिभावकों को भी दी जाए, जिससे पेरेंट्स मोबाइल, लैपटाॅप के जरिए बच्चों को वाहन में देख सकें।

2. इंटरव्यू बोर्ड: सभी स्कूल ड्राइवर, कंडक्टर, स्वीपर समेत अन्य कर्मचारियों की भर्ती के लिए इंटरव्यू बोर्ड बनाए जाएं। भर्ती से पहले इंटरव्यू बोर्ड कर्मचारियों मनोस्थिति, आर्थिक स्थिति का आंकलन कर रिपोर्ट दें। सिर्फ पुलिस वेरीफिकेशन कर जिम्मेदारी से नहीं बचें।

3. कैरेक्टर वेरीफिकेशन: स्कूल प्रबंधन जिस भी कर्मचारी को नियुक्त करें, उनका कैरेक्टर वैरीफिकेशन जरूर कराएं। जिससे कि उसके कैरेक्टर, अपराधिक मंशा का पता चल सके।

चार आरोपी, सभी ने की समान लापरवाही

1. नजम जमाल, डायरेक्टर: बच्ची के साथ घटना की जानकारी होने के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं दी।

2. फैजल अली, डायरेक्टर ऑपरेशन: नजम जमाल के साथ इन्हें भी बच्ची के साथ घटना की जानकारी थी।

3. आशीष अग्रवाल, प्रिंसिपल: स्कूल टीचर, बच्ची की मां ने इन्हें सबसे पहले घटना बताई। पुलिस से छिपाए रखा।

4. सैय्यद बिलाल, ट्रांसपोर्ट मैनेजर: बच्ची के साथ अपराध के साथ स्कूल बस के CCTV में खराबी, छेड़छाड़ की।

घटना के विरोध में नूतन कॉलेज की छात्राओं ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने- आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की थी। (फाइल फोटो)

घटना के विरोध में नूतन कॉलेज की छात्राओं ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने- आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की थी। (फाइल फोटो)

इन धाराओं में केस, कितनी सजा

धारा-188: इस धारा की सजा के दो प्रावधान हैं। पहला- अगर सरकार या सरकारी अधिकारी द्वारा कानूनी रूप से दिए गए आदेशों का उल्लंघन करते हैं, या किसी हरकत से कानून व्यवस्था में लगे शख्स को नुकसान पहुंचता है, तो एक महीने की जेल या 200 रुपए जुर्माना या दोनों दी जा सकती हैं। दूसरा- अगर आपके द्वारा सरकार के आदेश का उल्लंघन किए जाने से मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा होता है, तो 6 महीने की जेल या 1000 रुपए जुर्माना या दोनों दी जा सकती है।

पॉक्सो एक्ट 21(2): बच्चों से जुड़े अपराध की जानकारी होने के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं देना। अपराध को छिपाना। ये जमानती अपराध में आता है।

ड्राइवर पर तीन केस, फिर भी क्लीनचिट दी

पुलिस के मुताबिक जिस बस ड्राइवर हनुमत जाटव ने वारदात की, उसे शाहपुरा थाने से दो महीने पहले क्लीनचिट दे दी गई थी। वह पुलिस वैरिफिकेशन करवाने के लिए थाने पहुंचा था। अब पता चला है कि उसके खिलाफ शाहपुरा थाने में ही मारपीट के दो केस दर्ज हैं। वहीं, एमपी नगर थाने में धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज है।

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भोपाल के प्राइवेट स्कूल की नर्सरी की बच्ची से स्कूल बस में रेप का मामला सामने आया है। ड्राइवर हनुमत जाटव ने साढ़े तीन साल की मासूम के साथ वारदात की। बस की केयर टेकर उर्मिला साहू को ड्राइवर की करतूतों की जानकारी थी। वह ड्राइवर का साथ देती थी। पुलिस ने ड्राइवर के साथ उसे भी सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को एक दिन की रिमांड पर सौंपा है। इस मामले में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, स्कूल प्रबंधन ने मामले में लीपा-पोती करने की कोशिश की है। स्कूल प्रबंधन की भी जांच की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर

राजधानी भोपाल में स्कूल बस में बच्ची से रेप के मामले में स्कूल के चेयरमैन और प्रिंसिपल समेत 4 लोगों पर FIR दर्ज कर ली गई है। एडिशनल डीसीपी श्रुतिकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि महिला थाना पुलिस ने स्कूल के चेयरमैन नजम जमाल, डायरेक्टर ऑपरेशन फैजल अली, प्रिंसिपल आशीष अग्रवाल और ट्रांसपोर्ट मैनेजर सैय्यद बिलाल के खिलाफ केस दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर

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