7 घंटे में छाना 80 KM: SIT टीम के 150 से ज्यादा पुलिस कर्मियों ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया, SDM पर हुए हमले का मामला

धारएक घंटा पहले

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धार में SDM की पिटाई के मामले में गठित SIT की टीम को बड़ी सफलता मिली हैं। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी दिग्विज के साथ वाहन में सवार होकर आए तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। हालांकि आरोपियों को गिरफ्तार करने के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि आरोपी अलग-अलग स्थानों पर छिपे हुए थे।

वहीं, पुलिस की 5 टीमों में शामिल करीब 150 पुलिस जवानों ने आलीराजपुर क्षेत्र में करीब 80 किलो मीटर क्षेत्र में सर्चिंग की। जिसके बाद कदम, राकेश व मोहन सिंह को गिरफ्तार करके कल रात में करीब 2 बजे थाने पर लेकर आई। शुक्रवार सुबह थाने पर प्रकरण को लेकर कार्रवाई की गई, जल्द ही आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। जहां से रिमांड लेकर पुलिस प्रकरण के संबंध में पूछताछ करेगी।

दरअसल 2 दिन पहले कुक्षी के ढोल्या घाटी से अवैध शराब का परिवहन ट्रक के माध्यम से होने की सूचना 13 सितंबर सुबह SDM को मिली थी। जिसके बाद नायब तहसीलदार कृणाल अवासिया को साथ में लेकर एसडीएम ने उस वाहन का पीछा किया और हल्दी गांव में ढाबे के सामने ट्रक क्रमांक एमपी-09 एच-0112 को रोका गया। अधिकारी वाहन चालक से ट्रक को लेकर चर्चा कर रहे थे। तभी, पीछे से शराब तस्कर सुखराम पिता वेस्ता अपने साथियों को लेकर पहुंचा व अधिकारियों के साथ मारपीट करते हुए जानलेवा हमला किया। इस दौरान नायब तहसीलदार को बंधक बनाकर भी आरोपी लेकर गए थे। अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन हरकत में आया व इंदौर से भी अधिकारी जांच के लिए पहुंचे थे।

इस मामले में अभी 4 आरोपी फरार हैं, जिन पर 10-10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित है। इस प्रकरण में पहले पुलिस ने महेश, दिग्विजय, मुकाम, किडिया व सुखराम को आरोपी बनाया था। जिसमें से एक आरोपी गिरफ्तार किया गया। मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण एसपी ने SIT टीम गठित की। जिसके बाद जांच के दौरान करीब 10 ओर आरोपियों को चिंहित किया गया। जिसमें से 3 आरोपियों को पकड़ा गया है।

7 घंटे चली सर्चिंगगुरुवार देर शाम के समय टीम के अध्यक्ष एडिशनल एसपी धार से पुलिस बल को लेकर अलीराजपुर की ओर रवाना हुआ। टीम में कुक्षी, बाग, डही सहित अन्य थानों का पुलिस बल शामिल रहा, जिसके बाद अलीराजपुर पुलिस टीम के सहयोग से ग्राम बडी, आंबुआ, मोरडुडिया सहित 15 से अधिक गांवों में करीब 7 घंटे तक दबिश दी गई।

इस दौरान धार सायबर क्राइम ब्रांच की टीम भी विशेष रुप से शामिल रही। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि एसडीएम जब ट्रक का पीछा कर रहे थे, तब सबसे पहले मुख्य आरोपी शराब तस्कर सुखराम को इसकी जानकारी मिली थी। जिसके बाद सुखराम ने दिग्विजय को वाहन रोकने की जानकारी दी, ऐसे में फरार आरोपी दिग्विजय अपने सहयोगी साथियों को एक टवेरा वाहन से लेकर मौके पर पहुंचा था। हालांकि वाहन अभी जब्त होना बाकी हैं।

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