नर्मदापुरम में ऐतिहासिक रामलीला शुरू: नारद की तपस्या से डोलने लगा इन्द्रासन, राम जन्मोत्सव का कल होगा मंचन

नर्मदापुरम15 मिनट पहले

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नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव मंगलवार रात से शुरू हुआ। प्राचीन नर्मदा मंदिर के सामने सेठानी घाट पर बने बड़े मंच पर पहले दिन शंकर विवाह, नारद मोह का मंचन हुआ। भगवान शंकर का विवाह प्रसंग की प्रस्तुति की गई। नारद मोह प्रसंग में बताया गया कि देवर्षि नारद हिमालय में जाकर घोर तपस्या में लीन हो जाते हैं।

तपस्या से इंद्रासन डांवाडोल होने लगता है, तपस्या भंग करने इंद्र अपने मंत्री कामदेव को भेजते हैं , कामदेव की नहीं चलती है अगले दृश्य में दर्शाया गया है कि भगवान विष्णु नारद के अहंकार को समाप्त करने उन्हें वानर का रूप दे देते हैं।

श्रीरामलीला समिति संयोजक प्रशांत मुन्नू दुबे ने बताया कि 18 दिवस तक रामलीला का मंचन हाेगा। श्रीराम -रावण युद्ध की लीलाओं की प्रस्तुति 2 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक दशहरा मैदान में की जाएगी। 6 सितम्बर को उत्तरभरत मिलाप और 7 अक्टूबर को श्रीरामराज्याभिषेक लीला की अंतिम प्रस्तुति सेठानीघाट पर होगी।

कल जन्मोत्सव व 25 को निकलेगी बारात

25 सितम्बर को नगर के प्रमुख मार्गों से भगवान श्रीरामजी की बारात निकाली जाएगी एवं 5 अक्टूबर को दशहरा मैदान में रावण वध की लीला एवं विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। जिसमें समिति द्वारा रात्रि में जागरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

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