फैसला: हवाला कारोबार के 2.59 करोड़ रुपए आयकर विभाग के हवाले, ट्रेन से जब्त पैसों को अहमदाबाद के कारोबारी ने बताया था अपना

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इंदौरएक घंटा पहले

कॉपी लिंकरेलवे पुलिस ने चार लोगों से जब्त किए थे, तभी से पुलिस के पास थी यह राशि, हस्तांतरण पर स्टे लगा था

हवाला कारोबार के तहत ट्रेन से एक शहर से दूसरे शहर ले जाए जा रहे 2.59 करोड़ रुपए 3 साल के कानूनी संघर्ष के बाद खंडवा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आयकर विभाग के सुपुर्द किए जाने के आदेश दिए हैं। उक्त राशि चार लोगों द्वारा महानगरी एक्सप्रेस से ले जाई जा रही थी।

इसे खंडवा के पास रेलवे पुलिस ने जब्त किया था, तभी से यह राशि पुलिस के पास थी। उक्त राशि पर अहमदाबाद के एक कारोबारी ने अपना अधिकार जताते हुए उसे खुद के सुपुर्द करने के लिए आवेदन दिया था। आवेदन खारिज होने के बाद उसी दिन एक अपील भी लगा दी थी, जिसकी वजह से उक्त राशि आयकर विभाग के सुपुर्द नहीं की गई।

कारोबारी ने दिया कृषि उपज से संबंधित व्यापार का हवाला

अहमदाबाद के एक व्यापारी कमलेश शाह ने पत्नी नीना शाह की तरफ से विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट खंडवा के समक्ष आवेदन लगाकर उक्त राशि पर अधिकार जताया। आवेदक नीना शाह ने बताया कि उनके द्वारा कृषि उपज से संबंधित व्यापार किया जाता है, जिसके लिए तत्काल नकद व्यवहार अनिवार्य होने से उनके पास 18 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश इन हैंड रहता है। उनके द्वारा यह राशि उनके एक कर्मचारी मेहुल पटेल को दी गई थी, जिससे चार लोगों ने वह राशि ट्रेन में लूट ली। यह चार लोग वही हैं, जिनसे खंडवा जीआरपी ने यह राशि जब्त की थी।

आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिवक्ता अजय काकाणी ने कोर्ट को बताया कि पूरे प्रकरण से नीना शाह का लेना-देना नहीं है। इस मामले में वह पूर्ण रूप से बाहरी व्यक्ति हैं। नीना शाह जिस कर्मचारी मेहुल पटेल का बता रही हैं, उसने कभी इतनी राशि देखी भी नहीं और न ही अहमदाबाद से बाहर गया है। तर्क सुनने के बाद स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट ने 30 जनवरी 2020 को नीना शाह के आवेदन को खारिज कर दिया। तब नीना ने खंडवा के अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष उक्त आदेश को चुनौती दी, जिसके चलते उक्त राशि आयकर विभाग को हस्तांतरित नहीं की जा सकी और हस्तांतरण पर स्टे लग गया। 2 साल 8 महीने बाद पारित अपील के आदेश के बाद उक्त राशि अब आयकर विभाग के सुपुर्द की जा रही है।

यह है मामला… मार्च 2019 में खंडवा जीआरपी की कार्रवाई में जब्त हुई थी यह राशि

मार्च 2019 में खंडवा जीआरपी (रेलवे पुलिस) ने 2.59 करोड़ रुपए अक्षय कुंदनानी, देवेश कुंदनानी, संजय जाटव और नारायण आहूजा से जब्त किए थे। अप्रैल 2019 में आयकर विभाग ने अपना वारंट ऑफ ऑथराइजेशन जारी करते हुए विभाग के अधिकारियों को यह राशि लेने के लिए खंडवा रवाना किया।

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