मसाला कारोबारी पर 18.50 लाख जुर्माना: खाद्य सुरक्षा मिलावटी और मिथ्या छाप मसाले में एडीएम न्यायालय ने दिए महत्वपूर्ण निर्णय, कारोबारी पहले भी रासुका में काट चुका है जेल

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नीमच10 मिनट पहले

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तीन साल पहले पकड़ाए मिलावटी और मिथ्या छाप मसाले के प्रकरण में एडीएम नेहा मीणा के न्यायालय ने महत्त्वपूर्ण निर्णय पारित किया है। जिसमें मंसाला कारोबारी फर्म ऐरन स्पाईसेस के संचालकों कृष्णचंद्र पिता फतेहलाल ऐरन, उम्र 64 वर्ष, फर्म- ऐरन स्पाईसेस, पता- वार्ड नं. 23, स्कीम नंबर 9, नीमच जिला नीमच (म. प्र.) व अंकित ऐरन पिता कृष्णचंद्र ऐरन (प्रोप्राईटर), 18.50 लाख रुपए का जुर्माना दंडारोपित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नीमच के मसाला कारोबारी फर्म के फैक्ट्री और गोदाम पर कार्रवाई की थी। आरंभिक जांच के दौरान मिर्ची, हल्दी आदि मसाले ऐसे पाए गए थे, जिनसे रंग निकल रहा था,जिसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके से मसालों के 11नमूने लिए थे।

कार्रवाई के दौरान बडी मात्रा में मसाले जप्त किए थे। स्टेट लेब भोपाल से आई नमूनों की जांच रिपोर्ट में कुछ नमूनों को असुरक्षित बताया गया था, जबकि कुछ नमूनों को मिध्या छाप घोषित किया गया था।

जांच रिपोर्ट के बाद तत्कालीन कलेक्टर अजयसिंह गंगवार ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी के प्रतिवेदनबके आधार पर फर्म के प्रोपाइटर के खिलाफ रासुका की कार्रवाई करते हुए सेंट्रल जेल इंदौर भेज दिया था।

इधर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने एडीएम न्यायालय में भी फर्म संचालकों पर जुर्माने की कार्रवाई के लिए एडीएम न्यायालय में प्रकरण पेश कर दिया था, जिस पर लंबे समय तक चली सुनवाई, के दौरान दोनों पक्षों ने अपने तथ्य और तर्क रखे।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीएम न्यायालय ने पाया कि संचालक का कृत्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन है मामले में एडीएम न्यायालय ने फर्म संचालक के खिलाफ कृष्णा ब्रांड हल्दी,लोंग,मिर्च पाउडर, प्लेन पॉलीथिन में पैक मिर्च पाउडर, महाकाल ब्रांड ओरेंज कलर, रेड ऑइल कलर, सोयाबीन तेल लूज आदि मिध्या छाप,अवमानक और असुरक्षित पाए जाने पर अलग-अलग नमूनों पर जुर्माना दंडारोपित किया है, जो टोटल 18 लाख 50 हजार का जुर्माना होता है।

आदेश में एडीएम न्यायालय ने यह भी कहा कि प्रकरण में अपील अवधि पूरी होने के बाद जब्त मसाले आदि नष्ट किए जाएं।

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