पर्यटन की अपार संभावनाओं से लबरेज है आगर मालवा: विकास और वृहद प्रशासनिक कार्ययोजना की आवश्यकता, सीएमओ ने कहा-परिषद में रखेंगे प्रस्ताव

आगर मालवा30 मिनट पहले

कॉपी लिंकमोती सागर - Dainik Bhaskar

मोती सागर

पर्यटन की अपार संभावनाओं से लबरेज प्रदेश के इस 51वां जिले को पर्यटन स्थल का दर्जा दिए जाने की मांग लंबे समय से क्षेत्रवासी करते आ रहे है, लेकिन अब तक इस दिशा में प्रशासनिक पहल शुरू नहीं हो पाई है और ना ही विकास व पर्यटन स्थल के लिए वृहद प्रशासनिक कार्य योजना बनाने की ओर किसी प्रकार का कार्य आरंभ हो पाया है। जबकि यहां मौजूद अति प्राचीन और मनमोहक धरोहर आज भी विकास की राह तकती नजर आ रही है।

लालमाटी के नाम से पहचाने जाने वाले इस जिले में जहां धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अति प्राचीन चमत्कारिक विश्व प्रसिद्ध बैजनाथ महादेव मंदिर व गुफाओं में विराजित मां तुलजा भवनी मंदिर स्थित है, वहीं देश की आजादी में महती भूमिका अदा करने वाले महात्मा गांधी की अस्थि कलश आज भी गांधी उपवन स्थित गांधी स्तूप में मौजूद है। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ अंग्रेजों से लोहा लेने वाली विरांगना काशीबाई का स्मारक काशीबाई कॉलोनी में मौजूद है।

वहीं शहर की धरोहर के रूप में अति प्राचीन मोती सागर तालाब पर्यटन के रूप में पहचान दिलाने में सक्षम है। नगर में मौजूद इन ऐतिहासिक स्थलों के साथ जिले में अनेक ऐसे स्थान नलखेड़ा में विश्व प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर, सौयतकलां में प्रसिद्ध बालाजी का मंदिर सहित कई स्थल मौजूद है जो जिले को पर्यटन स्थल के रूप में अलग पहचान दे सकते हैं।

झील के रूप में विकसित किया जा सकता है, मोती सागर

पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बनाने के लिए शहर में स्थित मोती सागर तालाब को झील के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है। यहां पर्यटकों को लुभाने के लिए अनेक स्थल मौजूद है, जहां अति प्राचीन गणेश मंदिर और अचलेश्वर महादेव मंदिर तालाब किनारे मौजूद है, वहीं केवड़ा स्वामी मंदिर भी तालाब के पास सुन्दरता को ओर बढ़ावा देता दिखाई देता है। यहां गणेश मंदिर से अचलेश्वर महादेव मंदिर तक तालाब के ऊपर से ब्रिज बनाए जाने के प्रस्ताव नपा ने पूर्व में तैयार भी किए है, और तालाब में नौका विहार किए जाने के लिए भी नपा में प्रस्ताव तैयार किए गए है।

धार्मिक स्थल के रूप में मौजूद विश्व प्रसिद्ध बैजनाथ महादेव मंदिर

बैजनाथ महादेव मंदिर को पहचान की आवश्यकता नहीं है, पूरे विश्व में प्रसिद्ध यह मंदिर अपनी चमत्कारिक घटनाओं के लिए ही जाना जाता है। यहां देश के कोने कोने से भक्त बड़ी संख्या में दर्शनार्थी आते है। मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथाएं भक्तों के लिए श्रद्धा और विश्वास की अनूठी मिसाल कायम रखे हुए है। जहां इस मंदिर का जीर्णोद्धार एक अंग्रेज द्वारा करवाया गया है, वहीं यहां स्वयं भोलेनाथ भक्त के रूप में आने की घटनाएं आज भी इतिहास में दर्ज है। जरूरत है इस स्थल को धार्मिक दृष्टि से पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाए जाने के लिए यहां आवश्यक विकास की।

बैजनाथ महादेव मंदिर

बैजनाथ महादेव मंदिर

गांधी उपवन में मौजूद गांधीजी की अस्थियां

सांरगपुर रोड़ पर स्थित गांधी उपवन में महात्मा गांधी जी का स्तूप मौजूद है, जहां स्तूप के नीचे एक रजत पेटी में आज भी गांधी जी की अस्थियां सुरक्षित रखी हुई है। इस उपवन में भी विकास की अपार संभावना है, हालांकि नपा प्रशासन उपवन की दशा बदलने के प्रयास कर रहा है, लेकिन पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बनाने के लिए यहां विकास की महती आवश्यकता है।

विरांगना काशीबाई का ऐतिहासिक स्मारक भी है यहां

झांसी की रानी लक्ष्मीाई के साथ देश की आजादी की लड़ाई लडऩे वाली विरांगना काशीबाई का स्मारक भी लक्ष्मणपुरा स्थित काशीबाई कॉलोनी में आज भी मौजूद है। काशीबाई का जन्म 1835 में होकर उनका स्वर्गवास इसी काशीबाई कॉलोनी में गुप्तवास के दौरान 1913 में हुआ था जो आगर के इतिहास में भी दर्ज है। जहां राष्ट्रीय पर्वाे पर आज भी देशभक्त आदर से शिश नमाने पहुंचते है। यहां भी यदि विकास किया जाए तो यह स्थल भी पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना सकता है।

इस पर नपा सीएमओ पवन कुमार का कहना है कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए मोती सागर तालाब, गांधी उपवन और काशीबाई स्मारक पर कार्य किए जाने के लिए परिषद की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।

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