शिवपुरी जिला अस्पताल में हुई युवक की मौत: परिजनों ने किया हंगामा, बोले- डॉक्टर ने जीवित रहते ही कर दिया था मृत घोषित

शिवपुरी22 मिनट पहले

शिवपुरी के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के गुना वायपास पर शराब की दुकान पर कर रहे युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। मामले में जांच कर दोषी पर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद परिजन वहां से हटे और पीएम कराने के लिए राजी हुए।

बिना जांच किए ही मृत घोषित किया

अजय राय निवासी गिलौंदरा उम्र 21 साल गुना वायपास स्थित कलारी पर काम करता था। शुक्रवार की रात कलारी पर ही उसके सिर में दर्द हुआ। जिसके चलते वह फतेहपुर स्थित गणेश कॉलोनी में अपने घर आ गया। जहां उसे उल्टियां होनी शुरू हो गई और उसके हाथ पैर अकड़ गए और इसके बाद उसके दोस्त उसे लेकर अस्पताल आए। जहां डॉक्टरों ने बिना परिक्षण किए ही उसे मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलने पर उसके परिवार के सदस्य भी अस्पताल पहुंच गए। परिजनों को जैसे ही अजय की मौत की सूचना मिली तो वे गुस्से से आग बबूला हो गए और अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर राघवेंद्र रावत पर बिना इलाज किए मृत घोसित करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों का कहना था कि जब अजय राय जीवित था और उसने आंख खोलकर भी देखा था तथा मुंह भी खोला था, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर की लापरवाही के चलते अजय की मौत हुई है।

पीएम कराने राजी नहीं थे परिजन, पुलिस की समझाइश के बाद माने

जिला अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। जहां कुछ समय बाद परिजन पुलिस की बात मान गए। लेकिन मृतक का पीएम कराने राजी नहीं हुए। जिस पर पुलिस ने उन्हें समझाया कि वह जो आरोप लगा रहे हैं, उन आरोपो को सिद्ध करने के लिए पीएम कराना जरूरी है। पुलिस की इस समझाइश के बाद परिजन पीएम कराने के लिए राजी हो गए।

इस पूरे मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन आरके चौधरी का कहना है कि एकाएक मौत होने से परिजन अक्सर क्रोधित हो जाते हैं। जबकि एक डॉक्टर पूरी पड़ताल के बाद ही इस बात की पुष्टि करता है कि वह व्यक्ति जीवित है या मृत। फिर भी अगर परिजन मामले की शिकायत का आवेदन देते हैं तो उसकी जांच अवश्य कराएंगे।

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