बैतूल कोर्ट का फैसला: मोहन डालडा हत्याकांड में 5 आरोपियों को उम्रकैद, 6 लोगों ने की थी हत्या

बैतूल30 मिनट पहले

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बैतूल के रामनगर में रहने वाले कबाड़ा व्यवसाई मोहन डालडा उर्फ मोहन चौकसे के छह साल पहले हुए हत्याकांड में अदालत ने पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों ने डालडा की पत्थर से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी कृष्णा कुंभारे उर्फ किर्री वल्द वासुदेव कुंभारे, सचिन उर्फ बल्लम वल्द गुलाब घोरपडे, राजकुमार उर्फ पप्पू ढीमर वल्द किशोरी ढीमर, अच्छू ठाकुर उर्फ अक्षय ठाकुर वल्द रामनाथ ठाकुर और हैरी उर्फ शुभम पंवार वल्द चैतराम पंवार कोंसाजा दी है। प्रत्येक आरोपी को धारा 147 भा.द.स. के अपराध के आरोपी में तीन माह का सश्रम कारावास और पांच सौ रूपए का जुर्माना, धारा 302/149 IPC के अपराध के आरोप में सश्रम आजीवन कारावास , दो हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

बता दें, बैतूल के रामनगर इलाके में 29 सितंबर 2016 को मोहन चौकसे की ईट और पत्थर से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। 2 अक्टूबर 2016 को कोतवाली पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर इसका खुलासा कर दिया था। व्यापारी की छेड़छाड़ और हरकतों से तंग इलाके के छह युवकों ने मिलकर व्यापारी को मौत के घाट उतार दिया था। बताया जा रहा है कि व्यापारी मोहन डालडा उर्फ मोहन चौकसे रामनगर में रहता था। 29 सितंबर की शाम उसके घर में घुसकर कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की और घर का सामान बाहर फेंक दिया था। इस बीच मोहन डालडा का युवकों से विवाद भी हुआ। विवाद के बीच वह अपनी बाइक लेकर भागा तो युवकों ने उसे नीचे गिरा दिया और उसके सिर पर वजनदार पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस के मुताबिक, मोहन पर छेड़छाड़ का मामला दर्ज था। इसी मामले की उसके साथ रंजिश चल रही थी। पुलिस ने इस मामले में युवक रूपेश खातरकर, अक्षय ठाकुर, कृष्णा उर्फ किररी, पप्पी उर्फ राजकुमार और सचिन उर्फ बल्लम को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि, एक आरोपी फरार था। आरोपियों ने गिरफ्तारी के समय मीडिया को बताया था कि मृतक मोहन मोहल्ले में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करता था। उन पर फब्तियां कसता था। एक दिन पहले ही आरोपी रूपेश की बहन पर मोहन ने कमेंट्स किए थे। जिससे बौखलाकर उसने इस घटना को अंजाम दिया।

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