FIR दर्ज ना करना पड़ा महंगा: नाबालिग की गुमशुदगी प्रकरण में नही बनाया अपहरण का मामला, हेड कॉन्स्टेबल को SP ने किया निलंबित

Hindi NewsLocalMpChhindwaraThe Case Of Kidnapping Was Not Made In The Missing Case Of The Minor, The Head Constable Was Suspended By The SP

छिंदवाड़ा24 मिनट पहले

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नाबालिग बालिका के गुम होने की फरियाद लेकर सिंगोड़ी चौकी पहुंचे एक परिवार की गुमशुदगी यहां तैनात प्रधान आरक्षक कमलेश सत्यार्थी ने दर्ज नहीं की थी जिसके चलते पुलिस अधीक्षक ने शिकायत के आधार पर उसे निलंबित कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक सिंगोड़ी पुलिस चौकी के ग्राम खामीहीरा निवासी दंपत्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग संदिग्ध रुप से गायब हो गई है, इस मामले में प्रधान आरक्षक कमलेश सत्यार्थी के द्वारा गुमशुदगी का मामला दर्ज कर दिया गया। जबकि नियमों के अनुसार प्रकरण को अपहरण का दर्ज करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

इसके बाद बालिका की तलाश की गई और पुलिस उसे 18 सितंबर को मुंबई से तलाशकर सामने आई तो पता चला कि उसे गांव के युवक ने अपने दो साथियों की मदद से अपह्त कर ले गया था, इसके बाद इस मामले में तीन युवकों पर अपहरण, बलात्कार और पाक्सो एक्ट सहित एससीएसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।

इस मामले की खबर जब उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो पता चला कि विवेचक कमलेश सत्यार्थी ने वारदात में अपहरण का प्रकरण दर्ज नहीं किया था, जिसके बाद एसपी विवेक अग्रवाल ने तत्काल प्रधान आरक्षक को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं।

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