मां की भक्ति में रमा शहर: मुरार के खटीक मोहल्ला में विराजमान है मां काली, सपने में दिखीं मां करने लगे स्थापना

ग्वालियर4 घंटे पहले

मुरार खटीक मोहल्ला में विराजमान मां काली

लगातार चार साल से लगा रहे हैं पंडाल

नवरात्र चल रहे हैं और शहर मां की भक्ति में रमा नजर आ रहा है। मंदिरों में सुबह-शाम मां की पूजा अर्चना के साथ ही गली-मोहल्लों में मां के पंडाल सजे नजर आ रहे हैं। दो साल बाद ऐसा हो रहा है कि इस बार मां के पंडाल में भक्तों की संख्या पर कोई अंकुश नहीं है। कहीं पंडाल में दुर्गा मां विराजमान हैं तो कहीं काली।

दैनिक भास्कर ने शहर के कुछ बड़े पंडालों में जाकर देखा कि इस नवरात्र में किस तरह का माहौल नजर आ रहा है। हर तरफ भक्ति ही भक्ति नजर आ रही है। आयोजनकर्ता भी काफी खुश है। शहर में करीब 3 हजार के लगभग छोटे-बड़े पंडाल सजे हैं। चरिए कुछ चर्चित और बड़े के साथ ही अनोखे पंडालों की बात करते हैं।मां सपने में आई और चार साल से कर रहे हैं स्थापना- उपनगर मुरार स्थित तिकोनिया खटीक मोहल्ला बकरा मंडी के पास खटीक समाज द्वारा बीते चार साल से मां काली की मूर्ति की स्थापना की जा रही है। यह चौथी साल है। बताते हैं कि चार साल पहले खटीक समाज के एक सदस्य को मां काली सपने में दिखी थीं। उन्होंने कहा था कि वह आना चाहती है। उसके बाद सभी ने मिलकर नवरात्र में मां की स्थापना की। यह पंडाल में मां काली की मूर्ति विराजमान है। यह पूरे मुरार की काली की सबसे बड़ी मूर्ति है। खटीक समाज से विजय सेजवार ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन बड़ी ही धूम धाम से मां को जुलूस के रूप में लेकर समाज के लिए स्थापना स्थल तक पहुंचे और यहां भव्य पंडाल में उनकी स्थापना की है।

हिंगलाज वाली मैया, इनका मंदिर में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में है

हिंगलाज वाली मैया, इनका मंदिर में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में है

रामदास घाटी पर विराजमान हैं पाकिस्तान की हिंगलाज वाली मैयाग्वालियर के शिंदे की छावनी स्थित रामदास गाड़ी चौराहे पर कुशवाहा परिवार द्वारा पिछले 6 सालों से माता की स्थापना की जा रही है। यहां शेरो वाली मैया के साथ ही हिंगलाज मां की प्रतिमा स्थापित की जाती है। यह परिवार 2016 से मां की स्थापना कर रहा है। यहां समिति ने पहले साल में शेरों वाली माता बैठाई थी। दूसरे साल में माता की प्रतिमा के साथ करौली माता का की प्रतिमा बैठाई गई थी। तीसरे साल में शीतला माता, चौथे साल में वैष्णो देवी और पांचवें साल में नैना देवी की प्रतिमा बैठाई थी। इस साल शेरो वाली माता की प्रतिमा के साथ पाकिस्तान के कराची से पश्चिम दिशा में बलूचिस्तान से 120 किलोमीटर दूर हिंगोल नदी के किनारे चंद्रकुप पहाड़ियों के बीच में स्थापित हिंगलाज माता का मंदिर है। वहीं की मैया को यहां स्थापित किया गया है। जो आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गोल में स्थापति दुर्गा माता का पंडाल

गोल में स्थापति दुर्गा माता का पंडाल

गैंडेवाली सड़क गोल में हिंदू-मुसलमान करते हैं मां की स्थापनाहिंदू युवा समिति 1996 से गैंडेवाली सड़क स्थित गोल नामक इलाके में मां शैरो वाली की स्थापना कर रही है। यह इलाका काफी संवेदनशील है। यहां कई बार दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ जाते हैं, लेकिन इस बार यहां हिंंदू-मुसलमान ने मिलकर मां की स्थापना की है। हिंदू युवा समिति की तरफ से अरुण ने बताया कि सन 1996 से हर साल यहां मां की मूर्ति की स्थापना की जाती है।

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