विश्व पर्यटन दिवस: पर्यटन का क्षेत्र व्यापक, आने वाले समय में अर्थव्‍यवस्‍था का अहम हिस्सा होगा : डॉ. गौतम

छतरपुर12 मिनट पहले

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सागर रोड स्थित श्री कृष्णा विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग द्वारा विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ कुलाधिपति डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम की अध्यक्षता में उप‍ कुलपति गिरीश त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस राजपूत व डॉ. आलोक अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में कुलाधिपति डॉ. गौतम ने बताया कि शासन ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है, जिसमें ग्रामीण पर्यटन के लिए अनुदान प्रदान किया जाता है।

पर्यटन आगे आने वाले समय में हमारी अर्थव्‍यवस्‍था का अहम हिस्सा बनेगा। पर्यटन का क्षेत्र व्यापक है, यह ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर, देश और विदेशों तक सुदूर फैला हुआ है। हमें सिर्फ अनुभव और ज्ञान के आधार पर पर्यटन के तरीकों में से अपने अनुरूप चुनना है। उप कुलपति ने बताया कि विश्‍व पर्यटन दिवस की शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा की गई। वर्ष 1966 में भारतीय पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) की स्थापना हुई। इसकी स्थापना भारत में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए की गई है। इसका मुख्‍य उद्देश्‍य पर्यटन को विकसित करना, बढ़ावा देना, भारतीय पर्यटन स्थल की महत्‍वता व गुणवत्ता को बरकरार रखने के साथ उपलब्‍ध पर्यटन सुविधाओं एवं सेवाओं का विस्तार करना है।

डॉ. राजपूत ने कहा कि पर्यटन का क्षेत्र निश्चित नहीं, बल्कि व्यापक है। हमें सिर्फ समझने की आवश्यकता है कि हम किस प्रकार से पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि देश में पर्यटन से रोजगार को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना, पर्यटन के प्रति जागरूकता लाना, देश की जनता को पर्यटन का महत्व समझाना मुख्‍य उद्देश्‍य है। कार्यक्रम में छात्र सूरज सिंह, जीतेंद्र कुमार, गुलशन, गोवर्धन, भावना, नाजरीन, शोभा, उमेश, अजय, सपना, पुष्पा, पुष्पा साहू, काजल, अमन, संजय, अनकुशम, विशपाल, रैना, कपिल, वैभव और विवेक ने रंगोली विधा में भाग लिया। इस कार्यक्रम का संचालन अनुप्रिया नामदेव और आभार डॉ. राजेंद्र चौधरी ने व्यक्त किया।

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