दूसरे दिन 5 घंटे नॉन स्टॉप गरबा: 250 काउंट्स के 13 गरबा और 8 डांडिया मूव्स; इतना नाचे कि पैदल चलें तो सलकनपुर पहुंच जाएं

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भोपाल2 घंटे पहले

आरंभ है प्रचंड… बोले मस्तकों के झुंड से लेकर… ढम-ढम ढोल बाजे… जैसे गीत जब एक लाख वाॅट के साउंड सिस्टम पर बजा तो पंडाल में खड़े हर शख्स के शरीर में करंट सा दौड़ गया। हर किसी के कदम थिरकने लगे। यह नजारा भेल दशहरा मैदान में नजर आया। दरअसल, दो साल के इंतजार के बाद अभिव्यक्ति गरबा हो रहा है। गुरुवार को दूसरे दिन भी यहां गजब का उत्साह देखने को मिला। यहां गरबा प्रेमियों ने गरबा की ट्रेडिशनल फोक धुनों के साथ बॉलीवुड के गानों पर गरबा किया। इस दौरान प्रॉप्स, कॉस्ट्यूम और ज्वेलरी की चमक भी नजर आई।

घंटों नॉन स्टॉप डांस.. पैदल चलें तो सलकनपुर पहुंच जाएंएक सर्कल अभिव्यक्ति पार्टिसिपेंट्स के लिए तैयार किया गया है, जिसका रेडियस 24 मीटर है। दूसरा सर्कल जनरल पब्लिक के लिए है, जिसका रेडियस 22 मीटर है। इस तरह पार्टिसिपेंट्स ने दोनों सर्किल में डांस किया। शाम 7 बजे से शुरू हुआ गरबा-डांडिया करीब 1 बजे तक चला। ग्राउंड में अगर इन स्टेप्स को गिना जाए तो पार्टिसिपेंट्स सलकनपुर पहुंच जाएं।

यह मूव्स रहे खास: इस साल यह स्टेप्स गरबा वर्कशॉप में युवाओं की खास डिमांड पर तैयार किए गए हैं, जिनमें कोंडी, पांचीयु और कच्छी गरबा मूव्स शामिल हैं।पांचीयु स्टेप: यह सबसे लंबा और सबसे ज्यादा स्टेमिना वाला स्टेप है। इसमें एक रिद्म पर 45 स्टेप का सेट हैं।

कुंडी स्टेप: इसमें चक्कर दार स्टेप है। 12-12 के सेट में स्टेप रिपीट होते हैं।

कच्छी गरबा मूव्स: इस स्टेप में 26 और 32 स्टेप में गरबा होता है।

अभिव्यक्ति गरबोत्सव में पार्टिसिपेंट सनातन धर्म में कलश और घट स्थापना की विशेषता को दर्शाया गया। उन्होंने 5 किलो से ज्यादा वजन कलश के साथ आरती के स्टेप किए। साथ ही, गरबा-डांडिया किया।

अभिव्यक्ति गरबोत्सव में पार्टिसिपेंट सनातन धर्म में कलश और घट स्थापना की विशेषता को दर्शाया गया। उन्होंने 5 किलो से ज्यादा वजन कलश के साथ आरती के स्टेप किए। साथ ही, गरबा-डांडिया किया।

कुछ ऐसे रहे स्टेप्स

महाआरती से गरबे की शुरुआत हुई, जो 15 मिनट तक चली। इसके बाद पहला राउंड, जिसमें छह स्टेप्स में गरबा हुआ। यह राउंड 45 मिनट तक चला। इसके बाद 15 मिनट का ब्रेक लिया गया। 45 मिनट का ही दूसरा राउंड हुआ, इसमें पार्टिसिपेंट्स ने आठ स्टेप्स में डांडिया किया। तीन ताली के साथ 30 मिनट तक चला तीसरा और अंतिम राउंड।

रंग मिलन समूह अहमदाबाद के राकेश शिकारी एवं साथी कलाकारों ने प्रतिभागियों को गरबा डांस स्टेप्स सिखाए। इसमें 64 ताली को शामिल किया है। इसके अलावा डांडिया, गरबा, तीन ताल, हीच के मूवमेंट तैयार किए गए। वहीं, 12 मिनट की महाआरती की विशेष तैयारी की गई।

गरबोत्सव में एक ग्रुप ने माता की सेना की ड्रेस पहनकर सबका मन मोह लिया। इसमें दो महिलाएं कलश लेकर आई थीं वहीं, पुरुष हाथ में ध्वज लिए हुए था। ड्रेस हैवी होने के बावजूद वे गरबा के स्टेप्स बखूबी कर रहे थे।

गरबोत्सव में एक ग्रुप ने माता की सेना की ड्रेस पहनकर सबका मन मोह लिया। इसमें दो महिलाएं कलश लेकर आई थीं वहीं, पुरुष हाथ में ध्वज लिए हुए था। ड्रेस हैवी होने के बावजूद वे गरबा के स्टेप्स बखूबी कर रहे थे।

कंगन आर्ट थीम, 2200 वर्ग फीट का मंचइस साल 4 लाख वर्ग फीट ग्राउंड पर 1 लाख वॉट का साउंड सिस्टम लगाया गया है। थीम के मुताबिक गरबा स्थल के मुख्य द्वार को डेकोरेशन मास्टर अजीम ने कंगन आर्ट से डेकोरेट किया है। भव्य मंच लगभग 2200 वर्ग फीट जगह पर बना है।

गरबोत्सव में पार्टिसिपेंट ने सात किलो वजनी ड्रेस पहना। इसमें राधारानी काे सिर पर रखकर डांस किया। इस प्रॉप के साथ पार्टिसिपेंट गरबा के कठिन स्टेप्स को भी आसान बना दिया।

गरबोत्सव में पार्टिसिपेंट ने सात किलो वजनी ड्रेस पहना। इसमें राधारानी काे सिर पर रखकर डांस किया। इस प्रॉप के साथ पार्टिसिपेंट गरबा के कठिन स्टेप्स को भी आसान बना दिया।

गरबोत्सव में शामिल ग्रुप्स ने सबसे ज्यादा 45 काउंट के गरबा स्टेप्स किए। यही नहीं, पार्टिसिपेंट्स को कुल 250 काउंट से भी ज्यादा स्टेप्स कराए गए।

गरबोत्सव में शामिल ग्रुप्स ने सबसे ज्यादा 45 काउंट के गरबा स्टेप्स किए। यही नहीं, पार्टिसिपेंट्स को कुल 250 काउंट से भी ज्यादा स्टेप्स कराए गए।

गरबोत्सव में एक महिला पार्टिसिपेंट ने शरीर पर माता का दरबार सजा लिया। इसमें महिला ने पीछे एक बड़ा सा बोर्डनुमा लगा लिया। उसके आगे भी डेकोरेट किया हुआ था। इस प्रॉप को पहनकर पार्टिसिपेंट ने बेहतरीन डांस किया।

गरबोत्सव में एक महिला पार्टिसिपेंट ने शरीर पर माता का दरबार सजा लिया। इसमें महिला ने पीछे एक बड़ा सा बोर्डनुमा लगा लिया। उसके आगे भी डेकोरेट किया हुआ था। इस प्रॉप को पहनकर पार्टिसिपेंट ने बेहतरीन डांस किया।

गरबोत्सव में शामिल महिला ने पॉम--पॉम और अन्य चीजों की मदद से गुजराती ड्रेस बनाई। इसे गुज्जू नाम दिया। इसे पहनकर महिला ने गरबा किया।

गरबोत्सव में शामिल महिला ने पॉम–पॉम और अन्य चीजों की मदद से गुजराती ड्रेस बनाई। इसे गुज्जू नाम दिया। इसे पहनकर महिला ने गरबा किया।

गरबा पांडाल में तिरुपति बालाजी की भी एंट्री हुई। एक ग्रुप ने दक्षिण भारत की स्टाइल में लुंगी पहनकर बालाजी की तस्वीर साथ में गरबा किया।

गरबा पांडाल में तिरुपति बालाजी की भी एंट्री हुई। एक ग्रुप ने दक्षिण भारत की स्टाइल में लुंगी पहनकर बालाजी की तस्वीर साथ में गरबा किया।

गरबा पांडाल में में सेल्फी का जुनून भी देखने को मिला। वहां मौजूद पार्टिसिपेंट्स अनोखी ड्रेस पहनकर सेल्फी लेने में व्यस्त दिखे। इस पल को कैमरे में रिकॉर्ड किया। लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाए।

गरबा पांडाल में में सेल्फी का जुनून भी देखने को मिला। वहां मौजूद पार्टिसिपेंट्स अनोखी ड्रेस पहनकर सेल्फी लेने में व्यस्त दिखे। इस पल को कैमरे में रिकॉर्ड किया। लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाए।

गरबोत्सव में एक ग्रुप ने कोरोना का गम लिखा बैनर लेकर आया। उनके साथ माता के दरबार सिर पर रखे महिला भी शामिल थी। पोस्टर में ‘अभिव्यक्ति’ के बारे में भी लिखा था कि अभिव्यक्ति आया, कोरोना का गम भुलाया।

गरबोत्सव में एक ग्रुप ने कोरोना का गम लिखा बैनर लेकर आया। उनके साथ माता के दरबार सिर पर रखे महिला भी शामिल थी। पोस्टर में ‘अभिव्यक्ति’ के बारे में भी लिखा था कि अभिव्यक्ति आया, कोरोना का गम भुलाया।

गरबोत्सव के दूसरे दिन पांडाल में पार्टिसिपेंट्स के साथ दर्शकों की भी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सभी का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी मस्ती में झूमते-गाते नजर आ रहे थे।

गरबोत्सव के दूसरे दिन पांडाल में पार्टिसिपेंट्स के साथ दर्शकों की भी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सभी का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी मस्ती में झूमते-गाते नजर आ रहे थे।

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