कांग्रेस ने सैलाना में बचाया गढ़: मुख्यमंत्री की सभा भी भाजपा को नहीं दिला पाई जीत, बहुमत के बावजूद कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष पार्षद का चुनाव हारी

Hindi NewsLocalMpRatlamEven The Chief Minister’s Meeting Could Not Win The BJP, Despite The Majority, The Former Congress President Lost The Election Of The Councilor.

रतलाम16 मिनट पहले

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रतलाम के सैलाना नगर परिषद के चुनाव परिणाम आ चुके हैं। यहां 15 वार्डों में 9 वार्डों में कांग्रेस के पार्षद चुनाव जीते हैं। जबकि भाजपा केवल 4 वार्डों में ही जीत हासिल कर सकी है। जबकि दो निर्दलीय भी चुनाव जीते हैं। कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद नगर परिषद में कांग्रेस का अध्यक्ष बनना तय हो चुका है। हालांकि कांग्रेस की निवर्तमान परिषद अध्यक्ष नम्रता जितेंद्र सिंह इस बार पार्षद का चुनाव हार गई है। वहीं ,भाजपा को को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा भी जीत नहीं दिला सकी। गौरतलब है कि नगर परिषद चुनाव में भाजपा के 6 बागियों ने मैदान में उतर कर भाजपा की नैया डुबो दी। वहीं, कांग्रेस के भी दो बागी चुनाव मैदान में उतरे थे।

बागियों ने बिगाड़ा भाजपा का खेल

कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली सैलाना नगर परिषद के चुनाव में इस बार भाजपा को बहुमत मिलने की उम्मीद थी। जिसके लिए भाजपा ने पूरा जोर भी लगाया । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में आमसभा लेने पहुंचे थे। लेकिन भाजपा के अंतर कलह और बागियों ने जीत का समीकरण बिगाड़ दिया। पूर्व भाजपा विधायक संगीता चारेल भी सैलाना में भाजपा को सफलता नहीं दिला सकी। वहीं, वहीं कांग्रेस को भाजपा की अपेक्षा अंबाजी चुनाव मैदान में उतरने का फायदा मिला । वहीं, वर्तमान कांग्रेस विधायक हर्षविजय गहलोत ने एक बार फिर साबित किया कि सैलाना कांग्रेस का अभेद्य किला है।

नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस में कई दावेदार

सैलाना नगर परिषद का अध्यक्ष पद अनारक्षित है। इसलिए कांग्रेस के जीते हुए सभी पार्षद अध्यक्ष पद के दावेदार हैं। हालाकि कांग्रेस की ओर से चैतन्य शुक्ला और जगदीश पाटीदार में से किसी एक का नाम चर्चा में है । पार्टी के नेताओं ने अध्यक्ष का नाम पार्षदों की बैठक में तय किए जाने की बात कही है।

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