अग्रिम जमानत: स्टांप ड्यूटी चोरी के मामले में लाल बंधुओं को जमानत मिली

दमोह13 मिनट पहले

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स्टाम्प ड्यूटी चोरी के मामले में शुक्रवार लोकायुक्त के विशेष न्यायाधीश संजय कस्तवार ने समाज सेवी डॉ. अजय लाल और उनके भाई राजकमल डेविड लाल को अग्रिम जमानत दे दी। न्यायाधीश ने देर शाम 7.27 बजे इसकी घोषणा की। इससे पहले करीब दो घंटे तक इस मामले को लेकर बहस चली। विशेष न्यायाधीश कस्तवार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखा और बाद में जमानत की स्वीकृति दे दी। इस मामले में शासन की ओर से एडीपीओ हेमंत पांडे ने पैरवी की।

इससे पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के एसपी ईओडब्ल्यू एसपी देवेंद्र प्रताप सिंह दमोह पहुंचे और उन्होंने कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य से पूरे मामले को लेकर चर्चा की। दो दिन पहले बुधवार को कोर्ट में ईओडब्ल्यू को मामले से जुड़ी डायरी पेश करने के लिए कहा था। लेकिन डायरी पेश नहीं की गई। शुक्रवार को देर शाम डायरी पेश हुई। जिस पर बहस हुई। विवेचक स्वर्णजीत सिंह धामी ने डायरी पेश की। दरअसल जिस जमीन की बात की जा रही है, वह नजूल विभाग की है। क्रिश्चियन मिशन सोसायटी के लिए यह आवंटित की गई थी।

सन् 1968 में यह जमीन स्वर्गीय विजय लाल के नाम पर कर दी गई। उनके निधन के बाद उनके डॉ. अजय लाल और उनके भाई राजकमल डेविड लाल के नाम की गई। बाद में डा. अजय लाल, डेविड लाल व अन्य ने खसरा नं. 155/1/1 में से 15 हजार 456 वर्गफुट भूमि व्यवसायिक मद की होने के बाद भी आवासीय मद में पंजीयन कराकर उसकी रजिस्ट्री कर दी। इस तरह से कुल 76 लाख 21 हजार 259 रुपए की क्षति शासन को हुई थी।

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