‘अभिव्यक्ति’ में आखिरी दिन ‘टोटल धमाल’: भोपाल में आखिरी दिन लोगों में जबर्दस्त उत्साह, 1 घंटे ज्यादा चला गरबा महोत्सव

भोपालएक घंटा पहले

नवरात्र का पर्व, संडे की शाम, लाइव म्यूजिक, धमाकेदार डीजे, डांडिया की खनक और भोपाल की पब्लिक। इन सभी ने ‘अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव 2022’ के आखिरी दिन यानि रविवार को चार चांद लगा दिए। पब्लिक सर्किल में शुरू हुए धूम डीजे के धमाकेदार म्यूजिक ने पब्लिक को ‘वन्स मोर’ कहने पर मजबूर कर दिया। जहां देखो पब्लिक का उत्साह उतना की गरबा सर्कल के अलावा जहां जगह मिली, वहीं लोग थिरक उठे। रोड हो या पार्किंग या एंट्री गेट, चारों ओर लोगों में नया उत्साह, उल्लास और उमंग ही नजर आ रही थी।

दैनिक भास्कर ‘अभिव्यक्ति’ गरबा महोत्सव का आखिरी दिन और गरबा ग्राउंड हाउसफुल रहा। जैसे-जैसे शाम हो रही थी, भेल स्थित दशहरा ग्राउंड में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी थी। अंधेरा होते ही ग्राउंड की रंग-बिरंगी रोशनी के बीच उत्साह देखने लायक था। शाम करीब छह बजते ही पारंपरिक गरबे की शुरुआत महाआरती से हुई। डांडिया थीम पर तैयार किए गए 10 भाषाओं के गाने बजे तो हजारों पैर एक साथ ताल से ताल मिलाने लगे। इस साल अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव का उल्लास लगातार बढ़ता दिखा।

गांधीजी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि

मुन्नाभाई MBBS के गाने- हमने देखा दम, वन्दे मातरम् के बाद रंग दे बसंती के ‘ओ मोहे रंग दे बसंती’ ने समां बांधा दिया। इसके बाद डीजे नितिन ने पब्लिक सर्किल में सभी को थिरकने को मजबूर कर दिया।

बुजुर्गों ने दी यंग पार्टिसिपेंट्स को टक्कर

इस साल चाहे पहला दिन हो या आखिरी हर दिन पार्टिसिपेंट्स का उत्साह उतना ही देखने को मिला। इसी तर्ज पर आखिरी दिन कई पार्टिसिपेंट्स भी ऐसे देखे, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा थी।उनका जज्बा और जोश युवाओं को भी टक्कर देता नजर आया।

तस्वीरों में देखिए गरबा की धूम

गरबोत्सव के आखिरी दिन दशहरा मैदान में आरती के स्थान पर फूलों से विशाल रंगोली बनाई गई थी। दीपावली का प्रतीक दीयों और स्वास्तिक के साथ ये रंगोली बनाई गई थी।

गरबोत्सव के आखिरी दिन दशहरा मैदान में आरती के स्थान पर फूलों से विशाल रंगोली बनाई गई थी। दीपावली का प्रतीक दीयों और स्वास्तिक के साथ ये रंगोली बनाई गई थी।

में कपल मैचिंग ड्रेस में भी नजर आए। आखिरी दिन की थीम ब्लैक एंड व्हाइट रखी गई थी।

में कपल मैचिंग ड्रेस में भी नजर आए। आखिरी दिन की थीम ब्लैक एंड व्हाइट रखी गई थी।

पश्चिम बंगाल में नवरात्र को अलग ही रूप में मनाया जाता है। गरबोत्सव में भी बंगाली गेटअप में पार्टिसिपेंट्स शामिल हुए। यहां भी बंगाल जैसा नजारा देखने को मिला।

पश्चिम बंगाल में नवरात्र को अलग ही रूप में मनाया जाता है। गरबोत्सव में भी बंगाली गेटअप में पार्टिसिपेंट्स शामिल हुए। यहां भी बंगाल जैसा नजारा देखने को मिला।

सफेद रंग शांति का संदेश देता है। गरबोत्सव में ऐसी ही एक पार्टिसिपेंट सफेद ड्रेस पहनकर शामिल हुई।

सफेद रंग शांति का संदेश देता है। गरबोत्सव में ऐसी ही एक पार्टिसिपेंट सफेद ड्रेस पहनकर शामिल हुई।

गरबोत्सव में पार्टिसिपेंट्स ने पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जंगल और को बचाने का मैसेज दिया। इसके लिए वे आदिवासी ड्रेस पहनकर आए।

गरबोत्सव में पार्टिसिपेंट्स ने पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जंगल और को बचाने का मैसेज दिया। इसके लिए वे आदिवासी ड्रेस पहनकर आए।

गरबा में बच्चे भी शामिल हुए। ऐसा ही एक मोमेंट आया। यहां एक बच्ची मां को आगे डांस करते देख रूठ गई। बच्ची भी बच्ची देवी मां के रूप में गरबा करने आई थी। आखिरकार मां ने उसे मनाया।

गरबा में बच्चे भी शामिल हुए। ऐसा ही एक मोमेंट आया। यहां एक बच्ची मां को आगे डांस करते देख रूठ गई। बच्ची भी बच्ची देवी मां के रूप में गरबा करने आई थी। आखिरकार मां ने उसे मनाया।

गरबा महोत्सव के आखिरी दिन राम दरबार लगा। भगवान राम के दरबारी के गेटअप में पार्टिसिपेंट शामिल हुए। हाथ में झंडा लेकर गरबा भी किया।

गरबा महोत्सव के आखिरी दिन राम दरबार लगा। भगवान राम के दरबारी के गेटअप में पार्टिसिपेंट शामिल हुए। हाथ में झंडा लेकर गरबा भी किया।

युवाओं ने गरबोत्सव में हर लम्हे को कैमरे पर कैद करना चाहा। लड़के-लड़कियां सभी एक-दूसरे की फोटो और सेल्फी लेते दिखे।

युवाओं ने गरबोत्सव में हर लम्हे को कैमरे पर कैद करना चाहा। लड़के-लड़कियां सभी एक-दूसरे की फोटो और सेल्फी लेते दिखे।

गरबा के आखिरी दिन लोगों में उत्साह देखते ही बन रहा था। लोग जमकर नाचे। यहां तक कि पंडाल में पैर रखने तक की जगह नहीं थी।

गरबा के आखिरी दिन लोगों में उत्साह देखते ही बन रहा था। लोग जमकर नाचे। यहां तक कि पंडाल में पैर रखने तक की जगह नहीं थी।

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