दो बार पेट्रोल डालकर जलाना पड़ा रावण: ग्वालियर में 50 फीट के रावण में लगाई आग कुछ देर में बुझी, पेट्रोल डाली तब दहन हो पाया

ग्वालियर37 मिनट पहले

रावण दहन के बाद पुतला आतिशबाजी के साथ जलता हुआ

दशहरा पर ग्वालियर में रावण के पुतले को दहन करने में काफी करने पड़ी। बुधवार रात 10.45 बजे जैसे ही भगवान राम ने रावण को तीर मारा बुराई का प्रतीक रावण, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले चटफट पटाखों की आवाज के साथ जलने लगे, लेकिन कुछ ही देर बाद ही आग बुझ गई। इसके बाद दो बार पेट्रोल डाला गया, तब जाकर रावण का दहन हो सका। इससे पहले भी जब रावण को खड़ा किया जा रहा था, तो पुतले का चेहरा हवा से उड़ गया था।

रावण दहन देखने फूलबाग मैदान पर काफी संख्या मे लोग पहुंचे थे। रावण दहन की तस्वीरों को शहर के लोग मोबाइल में कैद करते नजर आए। कोई रावण दहन के पीछे खड़ा होकर सेल्फी लेता नजर आया तो कोई सामने से फोटो-वीडियो बनाता नजर आया। कोरोना की काली छाया के दो साल बाद इतने ऊंचे रावण के पुतले का दहन शहर में हुआ है। अभी तक रामलीला और रावण दहन छत्री मंडी में होता था, लेकिन छत्री मंडी का मैदान में निमार्ण कार्य के चलते पहली बार आयोजन फूलबाग पर हुआ है। रावण दहन के दौरान फूलबाग के आसपास सभी रास्तों पर ट्रैफिक जाम रहा है।

रावण का धड़ तो जल गया, पर सिर नहीं जला उसे जलाने में सभी को पसीना आ गया

रावण का धड़ तो जल गया, पर सिर नहीं जला उसे जलाने में सभी को पसीना आ गया

रावण दहन से 1 घंटे पहले बंद की मानस भवन रोडफूलबाग मैदान पर रावण दहन हुआ है। उससे पहले श्रीराम लीला समिति द्वारा चल समारोह निकाला है। यह चल समारोह विभिन्न मार्गों से होता हुआ रात को 10.45 बजे फूलबाग पहुंचा है। उसके बाद रावण दहन किया गया है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने रावण दहन से ठीक 1 घंटे पहले मानव भवन रोड पर ट्रैफिक की आवाजाही को बंद कर दिया था। ट्रैफिक को मोतीमहल की तरफ मोड़ दिया गया था, जबकि फूलबाग से स्टेशन की ओर जाने वाला मार्ग चालू रखा था, जिससे लोग परेशान न हों।

इसके बाद भी मोतीमहल रोड व फूलबाग चौराहा पर जाम के हालात रहे। पर रावण दहन के दौरान रावण में घास कम होने पर वह सही ढंग से नहीं चला है। जब रावण दहन हो गया तो धड़ के ऊपर का हिस्सा नीचे आ गिरा। इसके बाद रावण को जलाने के लिए दो बार पेट्रोल डालना पड़ा है और उसके सिर को जमीन पर लेटाकर आग लगानी पड़ी।

रावण दहन देखने पहुंचे लोग

रावण दहन देखने पहुंचे लोग

रावण दहन देखने वालों के लिए यहां रही पार्किंग- चिड़ियाघर गेट पर सड़क पर पार्किंग स्पॉट बनाकर ट्रैफिक पुलिस यहां वाहन पार्क कराए थे। जो लोग लश्कर या मोतीमहल की तरफ से आए थे उनके वाहन यहीं पर खड़े कराए गए थे। यहां से फूलबाग मैदान तक उन्हें पैदल ही जाना पड़ा था।- जलविहार के सामने मैदान और सड़क पर पार्किंग पॉइंट बनाकर चार पहिया वाहनों को पार्क कराया गया था।- अंबेड़कर पार्क के पीछे मोती मस्जिद वाली रोड पर दोपहिया वाहन खड़े करवाए गए थे। यहां वाहनों का आना जाना पूरी तरह बंद रखा गया।थाटीपुर के दशहरा मैदान पर जला 25 फीट का रावण- फूलबाग के अलावा ग्वालियर में थाटीपुर के दशहरा मैदान पर होने वाला रावण दहन भी आकर्षक होता है। यहां भी काफी भीड़ एकत्रित होती है। दो साल से कोरोना के चलते यहां भी रावण दहन का कार्यक्रम नहीं किया गया था। इस बार कोविड की बंदिशें नहीं थीं तो 25 फीट के रावण के पुतले का दहन यहां किया गया है। रात 10 बजे थाटीपुर के दशहरा मैदान पर जब रावण दहन शुरू हुआ तो लोगों ने जय-जय श्रीराम के नारे लगाए। यहां भी लोग रावण दहन के पलों को मोबाइल में कैद करते नजर आए हैं।डीडी नगर में हुआ रावण दहन- थाटीपुर दशहरा मैदान और फूलबाग मैदान के अलावा शहर में डीडी नगर दहशरा मैदान पर भी रावण के पुतले का दहन किया गया है। यहां रामलीला समिति द्वारा रामलीला का आयोजन किया था। जिसका समापन भी दशहरा पर हुआ है। यहां रावण दहन किया गया है। यहां भी 25 फीट के रावण का दहन किया गया है। डीडी नगर में भी रावण दहन देखने के लिए काफी संख्या में भीड़ मौजूद थी।

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