फॉरेन एजुकेशन: फॉरेन में पढ़ाई; आसान वीजा व स्टे बैक पीरियड से नई पसंद यूके व आयरलैंड

इंदौर28 मिनट पहलेलेखक: आरती मंडलोई

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फॉरेन एजुकेशन के लिए विद्यार्थियों की पहली पसंद माने जाने वाले कनाडा और अमेरिका में कोविड के बाद से स्टूडेंट वीजा मिलना कठिन हो गया है। कनाडा में जहां दो साल से 50 प्रतिशत से ज्यादा स्टूडेंट वीजा को रिजेक्ट किया जा रहा, वहीं अमेरिका में स्टूडेंट वीजा के अपॉइंटमेंट के लिए एक से डेढ़ साल की वेटिंग चल रही है।

ऐसे में स्टूडेंट्स का रुझान अब यूके और आयरलैंड जैसे देशों की ओर बढ़ा है, जहां स्टूडेंट वीजा आसानी से मिल रहा, साथ ही पढ़ाई पूरी होने के बाद स्टे बैक पीरियड भी पर्याप्त दिया जा रहा ताकि छात्र अपने लिए उसी देश में नौकरी तलाश कर सके।

आयरलैंड में पोस्ट ग्रेजुएशन का सालाना खर्च 7 से 15 लाख रुपएकोविड के बाद बदली परिस्थितियों को देख स्टूडेंट्स अब पढ़ाई के लिए कुछ और देशों के भी विकल्प तलाश रहे। विदेश में पढ़ाई करने जाने वाले 20 प्रतिशत स्टूडेंट्स आयरलैंड को एक बेहतरीन विकल्प मान वीजा के लिए अप्लाई कर रहे। फॉरेन एजुकेशन एक्सपर्ट कृतिक खियानी के अनुसार अन्य यूरोपीठ देशों में पोस्ट ग्रेजुएशन का औसत खर्च 25 से 30 लाख सालाना होता है, जबकि आयरलैंड में यह सिर्फ 7 से 15 लाख रुपए सालाना है। यहां परमानेंट वीजा भी आसानी से मिल जाता है। टैक्स में छूट से गूगल और एचसीएल जैसी कंपनियां अपने ऑफिस यहां शिफ्ट कर रही हैं, इसलिए अच्छी नौकरी की भी भरपूर संभावना है।

एक्सपर्ट व्यू- UK ने 20 माह बढ़ा दिया स्टे बैक पीरियड

शिक्षाविद् संदीप पंजवानी का कहना है पहले यूके पढ़ाई पूरी होने के बाद सिर्फ 4 महीने का स्टे बैक पीरियड देता था, जिसे अब दो साल का कर दिया है। इसलिए स्टूडेंट्स अपनी पढाई पूरी होने के बाद भी दो साल तक यहां रहकर नौकरी खोज सकते हैं। डॉक्यूमेंट पूरे होने पर यहां स्टूडेंट वीसा भी आसानी से मिल जाता है।

एक्सपर्ट वीणा सैनी के अनुसार हेल्थ और आईटी सेक्टर के साथ फॉरेन में बिजनेस एनालिटिक्स, डाटा एनालिटिक्स, सप्लाई चैन मैनेजमेंट और बायो टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स करने के बाद अच्छे पैकेज के साथ जॉब मिलने की संभावना होती है, इसलिए स्टूडेंट्स इन कोर्स के लिए भी अप्लाई कर रहे हैं। विदेशों में एमबीए के लिए तीन साल का वर्क एक्सपीरियंस जरूरी होता है इसलिए मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री लेने वाले स्टूडेंट एमआईएम का विकल्प चुनते हैं।

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