भोपाल में रावण दहन के दौरान भगदड़ की स्थिति: TT नगर दशहरा मैदान पर आतिशबाजी के दौरान दर्शकों की ओर आई चिंगारी

Hindi NewsLocalMpRavana’s Effigy Will Burn On Water In Dewas, 125 Feet High Ravana Burning In Chhatarpur

भोपाल6 मिनट पहले

भोपाल के TT नगर दशहरा मैदान पर रावण दहन के दौरान भगदड़ की स्थिति बन गई। दरअसल रावण दहन के दौरान आतिशबाजी की जा रही थी। जिसका मुंह दर्शकों की ओर था। दर्शकों की तरफ चिंगारियां आने से भगदड़ की स्थिति बन गई।

मध्यप्रदेश में दशहरे के मौके पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक ‘रावण’ का दहन किया जा रहा है। हालांकि बारिश के कारण थोड़ी परेशानी भी आ रही है। कई जगह रावण भीग भी गया। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत प्रदेशभर में रावण दहन किया गया। इस दौरान कई जगहों पर रामलीला मंचन से लेकर रंगीन आतिशबाजी के नजारे भी दिखे।

प्रदेश में रावण दहन के कई अनोखे नजारे भी देखने को मिले। देवास के चापड़ा में नदी में पानी के ऊपर रावण का दहन किया गया, तो छतरपुर में प्रदेश के सबसे बड़े 125 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जा रहा है।

नर्मदापुरम में 40 फीट के रावण का दहन डेढ मिनट में राख हो गया। दशहरा मैदान पर अग्निबाण से रावण का दहन किया गया। इससे पहले राम और रावण के युद्ध का मंचन किया गया।

नर्मदापुरम में 40 फीट के रावण का दहन डेढ मिनट में राख हो गया। दशहरा मैदान पर अग्निबाण से रावण का दहन किया गया। इससे पहले राम और रावण के युद्ध का मंचन किया गया।

भोपाल में भेल दशहरा मैदान में बारिश से रावण भीग गया। इस कारण रावण को जलाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

भोपाल में भेल दशहरा मैदान में बारिश से रावण भीग गया। इस कारण रावण को जलाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

छिंदवाड़ा में दशहरे के मौके पर रामलीला का आयोजन किया गया। इसमें राम बने पात्र ने रावण के पुतले का दहन किया।

छिंदवाड़ा में दशहरे के मौके पर रामलीला का आयोजन किया गया। इसमें राम बने पात्र ने रावण के पुतले का दहन किया।

जबलपुर में 61 फीट का रावण जलाया

नवरात्र के बाद मंगलवार से जबलपुर में दशहरे की शुरुआत हो गई। शहर का सबसे बड़ा दशहरा मंगलवार को ग्वारीघाट में मनाया गया। आयुर्वेदिक कॉलेज मैदान पर पंजाबी हिंदू एसोसिएशन के द्वारा रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 61 फीट का रावण और 55 फीट का कुंभकर्ण के पुतले का दहन किया गया। एसोसिएशन द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। यहां आतिशबाजी भी हुई। कार्यक्रम स्वामी नरसिंह दास महाराज के आशीर्वाद वचन के साथ शुरू किया गया।

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