सड़क सुरक्षा समिति की बैठक का सच: 10 साल पहले बनी पार्किंग की प्लानिंग, अफसर हर मीटिंग में करते हैं इसकी बात, अमल अब तक नहीं

मंदसौर30 मिनट पहले

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2013 में तत्कालीन एसपी मनोहर सिंह वर्मा ने यातायात सुधार के लिए पार्किंग सहित अन्य प्लान बनाया था। वहीं जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में 5 साल में 3 बार मास्टर प्लान तैयार कराने का निर्णय हुआ। एक साल पहले तत्कालीन एसपी ने रुचि लेकर प्लान बनाया । अमल आज तक नहीं हुआ। गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय में फिर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें पिछली बैठकों के पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने पर सांसद ने सीएमओ को फटकार लगाई।

जिले में यातायात व्यवस्था व सड़क सुरक्षा को लेकर हर 3 माह में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जरूरी है। इनमें केवल टाइमपास होता है। 2018 से अब तक हुई बैठकों में 3 बार मास्टर प्लान बनाने के निर्णय हुए। 2018 में तत्कालीन कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि जीआईएस मैप तैयार कर यातायात समाधान का पूरा प्लान बनाएं। 2019 में जिम्मेदारों ने नपा व यातायात पुलिस को प्लान बनाने को कहा। 6 मार्च 2020 को हुई बैठक में रोड इंजीनियरों की टीम बुलाकर स्मार्ट सीटी की तर्ज पर यातायात प्लान तैयार कराने का निर्णय लिया लेकिन कुछ नहीं हुआ।

2021 में तत्कालीन एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने अपने स्तर पर शहर का मास्टर प्लान तैयार कराया। जनवरी 2021 काे सड़क सुरक्षा माह में इसका विमोचन किया। तत्कालीन कलेक्टर मनोज पुष्प, नपा सीएमओ सहित कई अधिकारियों को इसकी कॉपी सौंपी लेकिन आज तक यह प्लान भी फाइलों से बाहर नहीं आ पाया।

इनके पास काेई याेजना नहीं है : सांसद5 मार्च 2022 को हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सांसद व अधिकारियों ने इंदौर शहर की तर्ज पर मंदसौर रेलवे स्टेशन के बाहर के परिसर को डेवलप करने के लिए प्लान बनाने, ट्रांसपोर्टनगर डेवलप प्लान, हादसों से बचाव के लिए सूचना बोर्ड व होर्डिंग्स लगाने, शहर में पार्किंग स्थल चयन करने सहित कई निर्देश नपा सीएमओ को दिए। गुरुवार को बैठक में सांसद ने नपा सीएमओ पी.के. सुमन से जानकारी मांगी तो उन्होंने कहा कुछ दस्तावेज या प्रजेंटेशन प्रस्तुत नहीं कर पाए। सांसद ने नाराजगी जताते हुए कलेक्टर गौतम सिंह से कहा कि इनके पास कोई कार्ययोजना नहीं है, ना पिछली बैठक का कुछ लाए हैं ना आगे की प्लानिंग है। इन्हें नोटिस जारी करें।

इन जगह पर पार्किंग बनाने को लेकर हुई चर्चा लेकिन अागे नहीं बढ़ीजिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में 15 साल से शहर में पार्किंग व्यवस्था के मुद्दे उठ रहे। सालों से जिम्मेदारों ने धानमंडी लक्कड़पीठा ओवरब्रिज के पास खाली जगह, घंटाघर पर रोडवेज की जमीन, कालाखेत में मैदान के पास खाली जमीन सहित कई जगह पार्किंग व्यवस्था के निर्णय हो चुके, लेकिन आज तक जिम्मेदार इस पर अमल नहीं करा सके।

गुरुवार को बैठक में ये निर्णय भी लिए

विद्यालयीन वाहनों की जांच जारी रखें।सीट बेल्ट, हेलमेट लगाने के लिए जागरूकता लाएं।ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर रिफ्लेक्टर लगाना हैं, इसके लिए मंडी सचिव को निर्देश दें।सीएमओ व यातायात को शहर का यातायात प्लान बनाने को कहा।यातायात व नपा को रेलवे स्टेशन के बाहर का विकास प्लान बनाने के निर्देश दिए।एमपीआरडीसी को सीतामऊ-सुवासरा रोड किनारे भरने के निर्देश दिए।

“हमने ब्लैक स्पॉट 10 से घटाकर 7 कर लिए, इन्हें भी कम किया जा रहा है। बैठक शहर व जिला विकास के साथ निरंतर जुड़े रहने की प्रक्रिया है। पार्किंग व शहर के मास्टर प्लान का जिक्र आपने किया है तो निश्चित ही अगली बैठक में उसे शामिल कर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”-सुधीर गुप्ता, सांसद व अध्यक्ष जिला सड़क सुरक्षा समिति

“कुछ नीतिगत निर्णय होते हैं जिनमें समय लगता हैं। कुछ अर्जेंट काम होते हैं, जैसे स्पीड ब्रेकर बनाए, हाइवे किराने भरवाए। पार्किंग व अन्य कार्य के लिए जगह व बजट की समस्या है, उसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। “-गौतम सिंह, कलेक्टर

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