तीन दिन से लगातार जारी है बारिश: ग्वालियर की लाइफ लाइन तिघरा डैम का जलस्तर 737 फीट हुआ, खुल सकते हैं गेट

ग्वालियर27 मिनट पहले

बारिश में भीगते हुए बस स्टैंड पर बस के लिए जाते शहरवासी

तिघरा की कुल क्षमता 740, लेकिन 739 फीट तक ही भरा जाता है

ग्वालियर में पिछले तीन दिनों बारिश का दौर जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय घेरे से ग्वालियर-चंबल अंचल में बारिश हो रही है। शनिवार को लगा कि मौसम खुल जाएगा लेकिन दोपहर के रिमझिम बारिश शुरू हो गई है जो रात तक तेज बारिश में बदल गई है। तीन दिन से हो रही बारिश से ग्वालियर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले तिघरा डैम का जलस्तर बढ़कर 737 फीट पर पहुंच गया है। जिसके बाद तिघरा के आसपास अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन तिघरा थाना और पंचायतों के माध्यम से लोगों को डैम के पास नहीं जाने की हिदायत दे रही है। दो फीट पानी बढ़ते ही डैम के गेट खोले जाएंगे।

बेमौसम बारिश से सड़कें हुई लबालब

बेमौसम बारिश से सड़कें हुई लबालब

निचली बस्तियों में भरा पानीलगातार बारिश से शहर की सड़कें लबालब हो गई है। निचली बस्तियों में पानी भर गया है। शहर से बाहर जाने वाले यात्री बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर पहुंचने तक में तेज बारिश में भीगते हुए पहुंच रहे है। मौसम विभाग ने अगले कुछ और घंटे इसी तरह बारिश होने की संभावना जताई है। लगातार बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस पर रहा है। दिन में अधिकतम तापमान सिर्फ 27.6 डिग्री सेल्सियस हो सका है। शनिवार रात 8.30 बजे तक 37.2 MM बारिश रिकॉर्ड हो चुकी थी।

तिघरा का जलस्तर 737 फीट पहुंचा कभी भी खुल सकते हैं गेट

तिघरा का जलस्तर 737 फीट पहुंचा कभी भी खुल सकते हैं गेट

मौसम विभाग भले ही कह दे कि मानसून की विदाई हो गई है, लेकिन ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून मेहरबान है। यहां बीते दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई है। गुरुवार से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही है। खास बात यह है कि यह बारिश पूरे अंचल में हो रही है। विशेषकर ग्वालियर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले तिघरा डैम के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश हो रही है। जिससे तेजी से डैम का जलस्तर बढ़ रहा है। तिघरा में बीते दो दिन में दो फीट पानी बढ़ा है। जिसके बाद तिघरा 737 फीट के जलस्तर पर पहुंच गया है। तिघरा की कुल क्षमता 740 फीट है, लेकिन डैम पुराना होने और कुछ जगह से सुराख होने के कारण इसे 739 तक ही भरा जाता है। यदि रविवार को भी बारिश होती है तो तिघरा के गेट कभी भी खुल सकते हैं।बंगाल में बना चक्रवातीय घेराबंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय घेरे से शहर का मौसम बदल गया है। माैसम के जानकारों की माने तो बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय घेरे बने हुए हैं। इन घेरों के चलते हवा में नमी आ रही है। इस वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग का मौसम बदला हुआ है। गत दिवस हल्की धूप निकली थी, लेकिन गत दिवस सुबह से काली घटाएं छाई रहीं। जिससे सूरज के दर्शन नहीं हुए। धूप नहीं निकलने से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई। इस कारण लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। शहर में बिजली खपत 53 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी। अब यह घटकर 40 से 42 लाख यूनिट पर आ गई है।तिघरा के आसपास जारी किया अलर्टतिघरा डैम में वर्तमान में लगातार वर्षा से जल स्तर 737 फ़ीट होने की जानकारी प्राप्त हुई है। 1 दिन की वर्षा से लगभग 2 फ़ीट जलस्तर बढ़ा है। डैम के गेट खोलने की स्तिथि 739 फ़ीट पर बनती है। प्रशासन लगातार मैसेज जारी कर कह रहा है कि सभी जलग्रह क्षेत्र (कैचमेंट क्षेत्र) में पढ़ने वाले ग्राम व सभी जनमानस को सूचित किया जाता है कि डैम के आसपास कोई भी न जाये। सुरक्षा व्यवस्था के लिए TI तिघरा अनाउंसमेंट करवा रहे हैं। पंचायत स्तर पर भी सभी को सूचित करने का कष्ट करें।इन सिस्टम से प्रभावित हो रहा मौसमबंगाल की खाड़ी का चक्रवातीय घेरा उत्तर प्रदेश होते हुए हिमालय की तराई में जा रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग इसके दक्षिण हिस्से में है। इस कारण बादल छा रहे हैं। फुहारें बरस रही हैं। यह संभाग के नजदीक आने पर वर्षा में तेजी आएगी।पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिससे अरब सागर से भी नमी आ रही है, जिसके चलते हवा में ठंडक है।

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