परीक्षा में लापरवाही: इंग्लिश मीडियम के छात्रों को भौतिक, इतिहास व व्यावसायिक विषय के पेपर हिंदी भाषा में थमाए

छतरपुर2 मिनट पहलेलेखक: प्रमोद चौरसिया

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जिलेभर के शासकीय स्कूलों में शुक्रवार को कक्षा 9वीं से 12वीं तक की तिमाही परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में शामिल इंग्लिश मीडियम के छात्रों को शिक्षा विभाग द्वारा हिंदी भाषा में प्रश्न-पत्र थामा दिए। जिन्हें हिंदी से अंग्रेजी भाषा में परिवर्तित करने में शिक्षकों को डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। इस दौरान इंग्लिश मीडियम के छात्र हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। जिससे उन्हें प्रश्न पत्र हल करने के लिए कम समय मिला। शिक्षा विभाग द्वारा मप्र राज्य ओपन बोर्ड भोपाल के आदेश पर जिले के 211 हायर सेकंडरी और हाई स्कूल में तिमाही परीक्षा आयोजित की जा रही है।

जिसमें जिला मुख्यालय स्थित एक्सीलेंस स्कूल सहित जिले के सभी 8 विकासखंड के सीएम राइज स्कूल में हिंदी के साथ अंग्रेजी माध्यम से छात्र अध्ययन कर रहे हैं। शुक्रवार की सुबह 8.30 बजे से कक्षा 9वीं और 11वीं और दोपहर 1.30 बजे से कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित की गई। राज्य ओपन बोर्ड द्वारा भेजे गए बंडल में सिर्फ हिंदी मीडियम के प्रश्न-पत्र निकले। जबकि इन स्कूलों में हिंदी के साथ अंग्रेजी माध्यम से भी छात्र अध्ययन कर रहे हैं।

अंग्रेजी भाषा के प्रश्न-पत्र न आने पर एक्सीलेंस और सीएम राइज स्कूल प्रबंधन ने हिंदी भाषा के ही प्रश्न-पत्र छात्रों वितरित कर दिए। प्रश्न-पत्र मिलने पर छात्रों ने प्रबंधन के शिकायत की, तब उन्होंने शिक्षकों के माध्यम से उसे अंग्रेजी में बदलवाया। जिसमें उन्हें डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। जिससे इन छात्राें को उत्तर लिखने के लिए सिर्फ एक से डेढ़ घंटे का समय ही मिला पाया।

एक्सीलेंस में 1024 और सीएम राइज स्कूल में 66 छात्र दर्ज- एक्सीलेंस स्कूल क्रमाक 1 में कक्षा 9वीं में 180, 10वीं में 217, 11वीं में 291 और 12वीं में 336 छात्र दर्ज हैं। वहीं जिला मुख्यालय के सीएम राइज स्कूल में कक्षा 10वीं में 16, 11वीं में 30 और 12वीं में 20 छात्र अध्ययनरत हैं।

बंडल में कम प्रश्न पत्र निकलेपरीक्षा में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों ने बताया कि अंग्रेजी माध्यम के प्रश्न-पत्र तो निकले ही नहीं, साथ ही प्रत्येक विषय के प्रश्नपत्र भी कम निकले। जिसमें इंग्लिश, इतिहास, व्यावसायिक अध्ययन और भौतिक शास्त्र विषय शामिल हैं। इन सभी में 20 से लेकर 30 प्रश्न-पत्र प्रत्येक विषय में कम निकले। जिनकी पूर्ति करने के लिए स्कूल प्रबंधन को फोटोकॉपी का सहारा लेना पड़ा। इससे छात्रों का समय खराब हुआ।

पहले स्थानीय स्तर पर होती थी छपाईपिछले साल तक तिमाही और अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र मप्र राज्य ओपन बोर्ड भोपाल द्वारा स्थानीय जिला शिक्षा अधिकारी के मेल पर डाल दिए जाते थे। जिन्हें वे स्थानीय स्तर पर हिंदी से इंग्लिश में परिवर्तित कर प्रिंट करते हुए शिक्षा अधिकारी के पास भेज देते थे। जिन्हें यहां से सभी संकुल प्रचार्य को भेज दिया जाता था। वहां से यह प्रश्न-पत्र जिलेभर के स्कूल प्राचार्य ले जाते थे। इसलिए इस प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो पाती थी।

इंग्लिश में बदलकर समस्या हल कर दी”राज्य ओपन बोर्ड भोपाल द्वारा भेजे गए प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने के कुछ समय पहले शिक्षकों ने खाेले और वितरित कर दिए। जब इंग्लिश मीडियम के छात्रों ने बताया कि पूरा प्रश्न पत्र हिंदी में है, तब शिक्षकों ने इंग्लिश में बदलते हुए फोटोकॉपी कराई और छात्रों में वितरित कर समस्या हल कर दी।”- एसके उपाध्याय, प्राचार्य एक्सीलेंस स्कूल नंबर 1

इंग्लिश मीडियम के प्रश्न-पत्र मिल गए हैं”अभी मैं भोपाल में हूं, हिंदी के साथ इंग्लिश के सभी प्रश्न-पत्र बोर्ड द्वारा उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब आगामी परीक्षा में छात्रों को कोई समस्या नहीं आएगी। हिंदी के प्रश्न पत्रों को बदलने में टीचरों को कुछ समय लग गया। जिसे पूरा करने के लिए परीक्षार्थियों को एक घंटा का समय बाद में दिया गया। “- एचसी दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर

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