गुपचुप तरीके से रात के समय हो रहा संचालन: फिर अवैध रूप से शुरू हो गए बायो डीजल पंप, इन पर बेचा जा रहा पेट्रोलियम पदार्थ

रतलाम36 मिनट पहले

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जिले के कई गांवों में बायो डीजल फ्यूल पंप फिर से चालू हो गए हैं। खास बात तो यह है कि बगैर परमिशन के अवैध रूप से इनका संचालन किया जा रहा है और इन पंपों पर बायो डीजल की जगह पेट्रोलियम पदार्थ बेचे जा रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं। इससे सरकार को भी रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है। इन अवैध पंपों पर सिलवासा से और गुजरात के रास्ते से पेट्रोलियम पदार्थ आता है। अधिकतर टैंकर रात में खाली होते हैं। यही स्थिति मंदसौर और नीमच में भी है। यहां भी प्रशासन ने पहले इन पंपों को बंद करा दिया था। यह भी गुपचुप शुरू हो गए हैं।

इसके पहले भी इन पंपों का संचालन हो रहा था। शिकायत के आधार पर जिला आपूर्ति विभाग की टीम पहुंची थी और ये सभी पंप सील कर दिए थे। अब फिर जिले में आधा दर्जन बायो डीजल पंप चालू हो गए हैं। प्रशासन द्वारा जो सील लगाई गई थी वो भी पंप संचालकों ने तोड़ दी है। इन पंपों पर बायो डीजल की जगह पेट्रोलियम पदार्थ बेचे जा रहे हैं। जबकि नियमों के अनुसार इन बायो डीजल ही बिक सकता है और वो भी प्रशासन की परमिशन से। लेकिन बगैर परमिशन के इन पंपों का संचालन हो रहा है और आपूर्ति विभाग को नजर नहीं आ रहा है। बताया जाता है कि प्रशासन की मिली भगत से ये पंप अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। जबकि गवर्नमेंट के रिकॉर्ड में ये पंप बंद हैं।

पहले हुई थी कार्रवाई, अब फिर हो गए शुरूइसके पहले भी इन फ्यूल पंपों का संचालन रात 10 से सुबह 5 बजे तक किया जा रहा था। शिकायत के आधार पर आपूर्ति विभाग ने जांच की थी और इस पर इन पंपों को सील कर दिया था। इसके बाद अब फिर बगैर परमिशन के ये पंप चालू हो गए हैं।

सभी पंप बंद हैं, फिर भी आप बता रहे हैं तो एक बार टीम को भेजकर दिखवाते हैं : जिला आपूर्ति अधिकारी एसएच चौधरी ने बताया सभी बायो डीजल फ्यूल पंप बंद हैं। फिर भी आप बता रहे हो कि पंप सील तोड़ कर संचालित किए जा रहे हैं तो टीम को भेजकर जांच करवाई जाएगी और यदि पंप चालू मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

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