लॉ स्टूडेंट की मौत में परिवार पर शक: अभी सुसाइड नहीं मान रही पुलिस, लाश के हाथ में FSL को नहीं मिला गन पावडर

इंदौर19 मिनट पहले

इंदौर के रानीपुरा इलाके से सटे नयापुरा क्षेत्र में एलएलबी स्टूडेंट की गोली लगने से मौत के मामले में परिवार शंका के घेरे में है। मृतक के परिजन डिप्रेशन में होने का बहाना बनाकर फिलहाल बयान देने में आनाकानी कर रहा है। पुलिस ने मृतक के दोनों भाई, पिता और महिला पुलिस की मदद से मां और बहनों से बातचीत की। घटना के वक्त भी ने अपनी लोकेशन अलग-अलग बताई। पढ़िए कैसे एडवोकेट का पूरा परिवार नहीं दे रहा स्पष्ट बयान…

आसपास के लोग बोली पटाखा फूटने जैसी आवाज आई

पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि घटना के वक्त घर में केवल तीन ही लोग थे। बाकी तीन लोग घर के बाहर गए थे। परिवार द्वारा घटना के आधे घंटे बाद फैमिली डॉक्टर को भी बुलाने की बात सामने आई है। फैमिली डॉक्टर ने भी युवक की मौत की पुष्टि कर दी थी। इसके बावजूद 5 घंटे तक पुलिस से पूरा मामला छिपाने के पीछे परिवार स्पष्ट कारण नहीं बता रहा है। घर के आसपास पुलिस ने पूछताछ कि तो लोगों ने बताया कि आवाज आई जरूर थी, लेकिन उन्हें शाम का समय होने से लगा कि बच्चे ने पटाखा फोड़ा है।

पीएम में खुलासा, पाइंट ब्लैंक से चली गोलीएमजी रोड़ TI संतोष यादव के मुताबिक राफे (19) पुत्र अतीक निवासी गोली कारखाना नयापुरा की मौत के मामले में डॉक्टरों ने शनिवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि गोली लगने से ही राफे की मौत हुई है। डॉक्टर ने यह भी बताया कि गोली कनपटी से बिल्कुल सटाकर यानि पाइंट ब्लैंक रेंज से चलाई गई है। लेकिन परिवार द्वारा सबूत मिटाने के चलते पुलिस पूरे मामले को संदिग्ध मानकर ही चल रही है। पुलिस अभी इसे स्पष्ट तौर पर आत्महत्या मानकर भी नहीं चल रही है।

यहां पढ़िए परिवार ने घटना के पांच घंटे बाद दी पुलिस को जानकारी, फर्श को पोंछा लगाकर किया साफ, बॉडी पर से भी खून साफ कर दिया…

पानी डालने से नही मिला गन पावडरपुलिस अफसरों के मुताबिक 5 घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो कई सबूत मिट चुके थे। एफएसएल अधिकारियों ने गोली चलाने के दौरान हाथ में लगने वाले गन पावडर का सैंपल लेने की कोशिश की तो पता चला कि परिवार ने जब खून साफ किया तो राफे के हाथ भी गीले हो गए। इसके कारण हाथ में गन पावडर नही मिला। वहीं पुलिस को गोली का खाली कारतूस भी नही मिला है। परिवार पुलिस से वेपन की जानकारी भी काफी देर तक छिपाता रहा। बाद में पुलिस को 22 बोर की उस लाइसेंसी राइफल के बारे में बताया गया, जिससे राफे द्वारा खुद को गोली मारने की बात कही जा रही है।

पिता नमाज पढ़ने गए थे, बड़ा भाई मार्केट, छोटा दोस्तों के साथराफे के परिवार में उसका एक बड़ा और एक छोटा भाई है। वही दो बहनें है। राफे के पिता अतीक भी एडवोकेट हैं। परिवार के लोगों से जब पुलिस ने वारदात के समय को लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि तो पिता ने बताया कि घटना के समय वो मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे। वहीं बड़ा भाई मार्केट में और छोटा दोस्तों के साथ घर के बाहर था। राफे अपने कमरे में था। वही मां और दोनों बहनें अंदर ही थी। एफएसएल अधिकारी ने उनसे राफे के बैठने और राइफल के डायरेक्शन को लेकर पूछा तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं। शव को कई बार मौके से उठाकर इधर-उधर करने की बात भी सामने आई है।

फैमिली डॉक्टर की पुष्टि के बाद भी करते रहे मंथनरिश्तेदारों ने बताया कि राफे मानसिक तनाव में था। आसपास के लोगों ने पूछताछ में गोली की आवाज आने की पुष्टि तो की। लेकिन उन्हें लगा कि शाम 7 बजे आई आवाज पटाखा चलने की भी हो सकती है। यह सोचकर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। राफे की मां ने जब पति और बेटों को घटना की सूचना दी तो करीब आधे घंटे बाद फैमिली डॉक्टर को भी मौके पर बुलाया गया। उन्होंने मौत की पुष्टि भी कर दी। लेकिन उसके बाद भी परिवार ने पुलिस को जानकारी नही दी। पुलिस मामले में डॉक्टर को बुलाकर उसके बयान भी दर्ज करेगी।

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