मोदी आज करेंगे ‘महाकाल लोक’ को देश को समर्पित: इंदौर से उज्जैन तक 60KM एरिया जगमगाया, 40 देशों में होगा लाइव प्रसारण

उज्जैन2 घंटे पहले

‘महाकाल लोक’ की भव्यता मंगलवार को यानी आज दुनिया देखेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 6.30 बजे 200 संतों की मौजूदगी में इसका लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण 40 देशों में होगा। गायक कैलाश खेर महाकाल स्तुति गान करेंगे।

वहीं, मध्यप्रदेश, गुजरात, झारखंड, केरल समेत 6 राज्यों के कलाकार इस दौरान प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंदौर से लेकर उज्जैन तक के 60 किलोमीटर एरिए को दुल्हन की तरह सजाया गया है। सुरक्षा में 12 बीडीएस टीम समेत 6 हजार जवानों को तैनात कर दिया गया है।

पहले जान लेते हैं प्रधानमंत्री का कार्यक्रम…

PM मोदी इंदौर में प्लेन से उतरने के बाद हेलीकॉप्टर से शाम साढ़े 5 बजे उज्जैन पहुंचेंगे। यहां से वे शाम 6 बजे महाकाल मंदिर पहुंचेंगे।मंदिर में दर्शन के बाद महाकाल कॉरिडोर के नंदी द्वार पर 6.30 बजे पहुंचेंगे और महाकाल लोक को देश को समर्पित करेंगे। यहां वे पूजन-अर्चन कर इलेक्ट्रिक गाड़ी से महाकाल पथ देखेंगे।इसके बाद वे कार्तिक मेला ग्राउंड पर सभा को संबोधित करेंगे। PM की सभा 8 बजे तक चल सकती है। चूंकि, उज्जैन से रात में हेलिकॉप्टर के टेक ऑफ की फैसिलिटी नहीं है, ऐसे में PM सड़क मार्ग से इंदौर पहुंचेंगे। यहां से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।उज्जैन के साथ ही इंदौर को भी पूरी तरह से सजाया गया है। उज्जैन इंदौर हाईवे रोशनी से नहाया हुआ है।

उज्जैन के साथ ही इंदौर को भी पूरी तरह से सजाया गया है। उज्जैन इंदौर हाईवे रोशनी से नहाया हुआ है।

अब जान लीजिए, लोकार्पण की तैयारी को…प्रधानमंत्री के इंदौर से उज्जैन जाने के लिए वायुसेना के तीन हेलिकॉप्टर इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंच चुके हैं। ‘एमआई 17वी5’ नामक यह मीडियम लिफ्ट एयरक्राफ्ट खासतौर पर वीआईपी ड्यूटी के लिए तैयार और मोडिफाई किया गया है। प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से उज्जैन से इंदौर जा सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए उज्जैन के बीच 50 किमी लंबी सड़क को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। इंदौर से उज्जैन यानी 60 किलोमीटर एरिया सजकर तैयार है। सुरक्षा में 6 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसमें प्रदेशभर से अधिकारियों के साथ स्पेशल टीम शामिल है। प्रदेशभर से 12 तो बीडीएस की टीम ही है। जिस सड़क पर प्रधानमंत्री का मूवमेंट रहेगा, उसे दो घंटे पहले बंद कर दिया जाएगा।

उज्जैन में महाकाल के आंगन को सजाने के लिए 7 शहरों से फूल मंगाए गए हैं।

उज्जैन में महाकाल के आंगन को सजाने के लिए 7 शहरों से फूल मंगाए गए हैं।

देशी-विदेशी फूलों से महका महाकाल का आंगनमहाकाल का आंगन देशी-विदेशी फूलों की सुगंध से महक उठा है। गर्भगृह और नंदी हाल के साथ ही परिसर के सभी छोटे-बड़े मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए हुए हैं। महाकाल मंदिर के आंगन में स्थित 40 से अधिक छोटे-बड़े मंदिरों और कोटितीर्थ कुंड के आस-पास भी पुष्प सज्जा की गई है। मंदिर समिति से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि समिति द्वारा स्थानीय स्तर से फूल मंगवाए गए। इसमें देसी गुलाब, गेंदा, सुगंधित पुष्प इसके अलावा विशेष किस्म के डच गुलाब, जरबेरा, लिली, रजनीगंधा, एंथोरियम के फूल शामिल हैं। विशेष किस्म के पुष्प पुणे व बेंगलुरु से मंगाए गए हैं।

एक बिल्डिंग से इंदौर-उज्जैन हाईवे की तस्वीर खींची गई है। इस दौरान पूरा शहर रोशनी से जगमग दिख रहा है।

एक बिल्डिंग से इंदौर-उज्जैन हाईवे की तस्वीर खींची गई है। इस दौरान पूरा शहर रोशनी से जगमग दिख रहा है।

गायक कैलाश खेर करेंगे महाकाल स्तुति गानउज्जैन में महाकाल लोक के साथ ही प्रदेशभर के मंदिरों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर शिव भजन, पूजन, कीर्तन, अभिषेक, आरती करेंगे। शंख, घंटे-घड़ियाल बजने के साथ ही मंदिर, नदियों के तट और घरों में दीपक जलाए जाएंगे। गायक कैलाश खेर महाकाल स्तुति गान की प्रस्तुति देंगे। सभा स्थल पर 60 हजार से अधिक लाेगाें के पहुंचने की संभावना है। शिप्रा नदी के सभी घाटों पर एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु बड़ी स्क्रीन पर कार्यक्रम देखेंगे।

प्रदेश के सभी मंदिरों में होंगे धार्मिक आयोजनप्रदेश के सभी बड़े शिव मंदिरों जैसे टीकमगढ़ का बांदकपुर मंदिर, छतरपुर का जटाशंकर मंदिर आदि स्थानों में सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। यहां पर भी लाइव प्रसारण हाेगा। उज्जैन एवं इंदौर संभाग के हर जिले से विभिन्न समाज और संस्थाओं के अध्यक्ष, पार्षद, सरपंच, तड़वी, पटेल, पुजारी आदि को लोकार्पण कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्र से जल लेकर आएंगे और उज्जैन रूद्रसागर में समर्पित करेंगे।

ऐसी है ट्रैफिक व्यवस्था: दोपहर 3 बजे बाद इन रास्तों पर जाने से बचें​​​​​​डीआरपी लाइन, इंदौर रोड, महामृत्यंजय चौराहा, आस्था गार्डन तिराहा, शांति पैलेस तिराहा, हरिफाटक ओवर ब्रिज, त्रिवेणी संग्रहालय, हरिसिद्धि चौराहा, शिप्रा नदी का छोटा ब्रिज, सिंहस्थ द्वार। प्रधानमंत्री यदि सड़क मार्ग से जाते हैं तो एक लेन पर यातायात एक घंटे पहले बंद कर दिया जाएगा।

अब जान लेते हैं भक्तों के लिए मंदिर में दर्शन व्यवस्था को…आम दिनों की तरह ही भक्त बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। पीएम मोदी के महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आने पर करीब एक घंटे के लिए गणेश मंडपम को बंद कर दिया जाएगा। महाकाल मंदिर के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया की पीएम के दर्शन के दौरान श्रद्धालु कार्तिकेय मंडपम से दर्शन कर सकेंगे। पीएम के दौरे से पहले ही महाकाल मंदिर और महाकाल लोक में एसपीजी ने कमान संभाल ली है। आम श्रद्धालुओं को भारी सुरक्षा के बीच से गुजर कर महाकाल के दर्शन होंगे। उज्जैन एसएसपी सत्येंद्र शुक्ल ने बताया की पीएम के दर्शन के दौरान आम श्रद्धालुओं के दर्शन को रोका नहीं जाएगा, लेकिन श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या में प्रवेश नहीं मिलेगा।

6 राज्यों के 700 कलाकार पीएम के सामने देंगे प्रस्तुतिप्रधानमंत्री के महाकाल लोक अवलोकन के दौरान मध्यप्रदेश की मालवा संस्कृति का नृत्य, गुजरात का गरबा, केरल के कलाकार कथक और आंध्र प्रदेश के कलाकार कुचिपुड़ी नृत्य की प्रस्तुति देंगे। खास बात यह है कि झारखंड के ट्राइबल एरिए से आए 12 कलाकार पीएम मोदी के सामने अपनी सांस्कृतिक परंपरा अनुसार भस्मासुर की प्रस्तुति देंगे। वैसे तो पीएम इलेक्ट्रिक व्हीकल से महाकाल लोक का अवलोकन करेंगे, लेकिन इस दौरान वे कलाकारों से भी मिल सकते हैं।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए प्रदेशभर से अलग-अलग टीमों को उज्जैन में तैनात कर दिया गया है। कुल 6 हजार जवान यहां पहुंचे हैं।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए प्रदेशभर से अलग-अलग टीमों को उज्जैन में तैनात कर दिया गया है। कुल 6 हजार जवान यहां पहुंचे हैं।

40 देशों में होगा सीधा प्रसारणएमपी की शिवराज सरकार इस आयोजन को उत्सव के रूप में मना रही है। सीएम, मंत्री और भाजपा संगठन प्रदेशभर में धार्मिक माहौल बनाने में जुटा है। सीएम शिवराज और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने विदेशों में रहने वाले मप्र के वासियों से भी वर्चुअल बात की। सीएम ने कहा – वे अपने क्षेत्र के किसी एक स्थान विशेषकर मंदिर परिसर में महाकाल लोक के लोकार्पण की लाइव ब्रॉडकास्टिंग दिखाने की व्यवस्था करें। वीडी शर्मा के नेतृत्व में करीब 40 देशों में यह कार्यक्रम लाइव दिखाने का खाका तैयार हुआ। सीएम शिवराज के आह्वान पर ही लोकार्पण का लाइव प्रसारण हर गांव के मंदिरों में किया जा रहा है।

इन देशों में होगा लाइव प्रसारणप्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के अनुसार इन सभी देशों के एनआरआई को बीजेपी विदेश संपर्क विभाग की ओर से लाइव लिंक उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे विदेशों में बैठे मप्र के लोग भी महाकाल लोक के लोकार्पण कार्यक्रम को देख सकेंगे। वर्चुअल हुई बैठक में यूएसए, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएई, यूके, कनाड़ा, हॉलैंड, कुवैत, फ्रांस, रूस, साउथ अफ्रीका, नामीबिया समेत 40 देश शामिल हुए। बीजेपी के विदेश संपर्क विभाग के सह संयोजक सुधांशु गुप्ता ने बताया कि जिन एनआरआई नागरिकों से चर्चा हुई, उनमें से अधिकांश साथियों ने अपने देश के मंदिरों में इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करने की बात कही है। विदेश के मंदिरों में धार्मिक आयोजन भजन, कीर्तन जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे।

अगले 50 साल की प्लानिंग- दर्शन के लिए देश का सबसे सुव्यवस्थित मंदिर होगा महाकाल12 अक्टूबर से महाकाल मंदिर दर्शन व्यवस्था में देश का सबसे सुव्यवस्थित मंदिर हो जाएगा। यहां दर्शन व्यवस्था अगले 50 साल को ध्यान में रखकर बनाई गई है। उद्घाटन के बाद श्रद्धालुओं को सबसे बड़ी सुविधा बिना भीड़ के सुविधाजनक और कम समय में दर्शन की मिलेगी। रात में सोने की तरह दमकने वाले कॉरिडोर में सुंदरता के साथ आम श्रद्धालुओं को शिवरात्रि, नागपंचमी और सिंहस्थ जैसे त्योहार के लिए दर्शन की ऐसी बेहतर व्यवस्था बनाई जा रही है, जो देश के किसी मंदिर में नहीं है।

किसी भी त्योहार पर न तो महाकाल पहुंचने वाले वाहनों को शहर से दूर रोका जाएगा और न ही कई किमी पैदल चलना होगा। श्रद्धालुओं को पार्किंग से लेकर महाकाल दर्शन तक पहुंचने में सिर्फ 20 मिनट लगेंगे, वहीं एक घंटे में 30 हजार लोग दर्शन कर सकेंगे। व्यवस्था ऐसी होगी कि एक दिन में 10 लाख श्रद्धालु भी पहुंच जाए तो उन्हें दर्शन कराए जा सकते हैं। ये फेस-1 की व्यवस्था है, जिसका उद्घाटन होगा।

उज्जैन के चारों ओर पार्किंग बनेगी, डेढ़ किमी पैदल चलकर मेला क्षेत्र में पहुंचा जा सकेगाफेस-2 की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। इसमें सिंहस्थ को ध्यान में रखकर प्लान किया गया है। सिंहस्थ के दौरान इंदौर, रतलाम, देवास, मक्सी जैसे किसी भी शहर से उज्जैन आने पर सिंहस्थ मेले के डेढ़ किमी नजदीक गाड़ियां पार्क हो सकेंगी। लोगों को मेला क्षेत्र में पहुंचने के लिए न तो कई किमी पैदल चलना होगा और न ही किसी पास की जरूरत होगी। इस डेढ़ किमी क्षेत्र में भी तिरुपति की तरह बैटरी वाली सरकारी गाड़ियां चलेंगी। 30 सितंबर 2023 तक महाकाल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 2500 गाड़ियों की पार्किंग तैयार हो जाएगी, वहीं सिंहस्थ को लेकर 7 हजार गाड़ियों की स्थाई पार्किंग व्यवस्था नदी के किनारे ही बनाई जा रही है। इसके लिए क्षिप्रा किनारे कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।

महाकाल लोक आखिर है क्या?

महाकाल के आंगन को 856 करोड़ रुपए की लागत से 2 फेज में डेवलप किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद 2.8 हेक्टेयर में फैले महाकाल का पूरा एरिया 47 हेक्टेयर का हो जाएगा। 946 मीटर लंबे कॉरिडोर पर चलते हुए भक्त महाकाल मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचेंगे। कॉरिडोर पर चलते हुए उन्हें बाबा महाकाल के अद्भुत रूपों के दर्शन तो होंगे ही, शिव महिमा और शिव-पार्वती विवाह की भी गाथा देखने-सुनने को मिलेगी।

खबरें और भी हैं…

error: Content is protected !!