लंपी का कहर: संदिग्ध गाय के लिए सहायता के नाम पर सिर्फ मिलते हैं मोबाइल नंबर, मदद बिल्कुल नहीं, तड़प रहे हैं गौवंशी

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ग्वालियर18 मिनट पहले

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शहर में लंपी वायरस अपना असर दिखा रहा है। लंपी वायरस की संदिग्ध गायों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। शहर में यह बीमारी आवारा गायों में अधिक हो रही है। इसके बाद भी प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने दो दिन पहले कहने को तो कंट्रोल कमांड सेंटर बना दिया और मदद के लिए नंबर जारी कर दिए ,लेकिन कंट्रोल कमांड सेंटर पर मदद के नाम पर सिर्फ नंबर दिए जा रहे हैं। न तो डॉक्टर आता है और न ही संदिग्ध बीमार गाय को लेने नगर निगम की कोई गाड़ी। उधर इस मामले में संभागायुक्त दीपक सिंह का कहना है कि वह इसे दिखवाते हैं।

जैन छात्रावास के पास 9 अक्टूबर से लंपी वायरस का संदिग्ध सांड घूम रहा है। इसकी जानकारी नगर निगम आयुक्त से लेकर संयुक्त संचालक पशुपालन विभाग तक को दी गई है। सूचना दिए चार दिन हो गए हैं और सांड की हालत बदतर हो गई है तथा घाव से खून बहने लगा है।

इस सांड का इलाज हो सके उसके लिए दैनिक भास्कर के संवाददाता ने कंट्रोल कमांड सेंटर के फोन नंबर 0751–2646605 पर इसकी सूचना दी तो वहां बैठी महिला ने डॉ. आनंद त्रिपाठी का नंबर 9406904687 देते हुए कहा कि इन्हें फोन लगा लो, यह इलाज करने आएंगे।

जब डॉ. त्रिपाठी को फोन लगाया तो उनका फोन ही नहीं उठा। इसके बाद कंट्रोल कमांड सेंटर को इनकी जानकारी दी गई तो उन्होंने डॉ.अमित गुप्ता का नंबर 7999621580 दिया। डॉ. गुप्ता से जब इस बारे में कहा गया तो उन्होंने नगर निगम स्टाफ की लिस्ट देते हुए कहा कि आवारा जानवरों के लिए इनको फोन कर लो, वह आइसोलेशन सेंटर ले जाएंगे।

इसके बाद लिस्ट में सुबह 6 से दोपहर 2 बजे की ड्यूटी में पदस्थ रामनाथ और पुष्पेंद्र को फोन लगाया गया। रामनाथ का तो फोन उठा ही नहीं और पुष्पेंद्र का कहना था कि आप जिस सांड के बारे में बता रहे हो दो दिन पहले किसी विपुलव जैन ने भी उसकी शिकायत की थी।

गायों को रखने की जगह नहीं है। इसलिए आप 07512438358 पर फोन करके बता दो। जब इस नंबर पर फोन लगाया गया तो किसी ने फोन ही नहीं उठाया। इसी सांड को लेकर मनीष सविता नामक युवक भी फोन कर रहे हैं लेकिन कोई मदद नहीं मिली।

राजनीतिक दबाव में हैं अधिकारी

हमें सूचना मिली थी कि नगर निगम के ट्राॅले में 3 दिन लंपी वायरस की संदिग्ध गाय खड़ी है और निगम के पास इन्हें रखने व्यवस्था नहीं है। वार्ड 37 की भैंस मंडी में 1000 गायों को रखकर इलाज कराने की बात नगर निगम आयुक्त से कही थी। वह कलेक्टर के साथ जगह भी देखने आए थे परंतु राजनीतिक दबाव के कारण वह अच्छी भली जगह को छोड़कर शहर से दूर काल्पनिक व्यवस्था करने जुटे हैं।प्रवीण पाठक,विधायक

नोटिस जारी कर जवाब मांगेंगे

कंट्रोल कमांड सेंटर से दिए गए डॉक्टर का फोन नहीं उठा है या उसने मदद करने की बजाय सिर्फ नंबर दिए हैं तो नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।-डॉ.एएस तोमर, संयुक्त संचालक, पशु पालन विभाग

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