मध्यप्रदेश का सबसे रोचक चुनावी मुकाबला: देवरानी-जेठानी के बीच नपाध्यक्ष की रेस, जानिए कौन आगे…

Hindi NewsLocalMpBurhanpurMunicipality President’s Race Between Devrani Jethani In Burhanpur, Madhya Pradesh Political News, Madhya Pradesh Hindi News

रईस सिद्दीकी। बुरहानपुर12 मिनट पहले

नेपानगर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव दिलचस्प होने वाला है। दरअसल, इसमें देवरानी और जेठानी आमने-सामने आ सकती हैं। दोनों की दावेदारी पुख्ता है। कांग्रेस से भारती विनोद पाटिल पहले से ही कांग्रेस की अधिकृत अध्यक्ष प्रत्याशी घोषित हैं, तो वहीं उनकी देवरानी भाजपा से पूर्व नपा उपाध्यक्ष वैशाली सुजीत पाटिल प्रमुख दावेदार हैं।

हालांकि, दो दावेदार निवर्तमान नपाध्यक्ष की पत्नी मीना राजेश चौहान, पूर्व नपा उपाध्यक्ष विजय यादव की पत्नी चंचला यादव भी हैं, लेकिन अगर मीना चौहान, वैशाली सुजीत पाटिल के नाम पर पार्टी में सहमति नहीं बनी, तो कांग्रेस से जेठानी भारती पाटिल और भाजपा से वैशाली पाटिल आमने सामने होंगी। इसकी संभावना भी अधिक है।

वार्ड नंबर 24 से चुनाव जीतीं वैशाली सुजीत पाटिल को इस चुनाव में 255 वोट मिले। इससे पहले वह नपा उपाध्यक्ष थीं। वार्ड 24 से ही उनके पति सुजीत पाटिल पार्षद रह चुके हैं। कांग्रेस की ओर से अधिकृत प्रत्याशी भारती विनोद पाटिल ने अपनी देवरानी के लिए वार्ड 24 से दावेदारी छोड़कर वार्ड 16 से चुनाव लड़कर जीत दर्ज कराई।

एक ही घर में ऊपर-नीचे के फ्लोर पर रहती हैं देवरानी-जेठानी

खास बात है कि वार्ड 24 में ही देवरानी-जेठानी का मकान है। जेठानी नीचे फ्लोर पर रहती हैं, जबकि देवरानी इसी मकान में ऊपर रहती हैं। वैशाली पाटिल का कहना है कि इससे हमारे पारिवारिक रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ता। जेठ कांग्रेस का काम करते हैं, मेरे पति और मैं भाजपा में हूं। इस बार वह हमारे वार्ड में कांग्रेस का प्रचार करने के लिए भी घूमे थे, लेकिन हमें भाजपा से जनता ने जिताया। कांग्रेस से अध्यक्ष पद की अधिकृत दावेदार भारती पाटिल ने कहा- हमारी दावेदारी भी पुख्ता है।

दूसरी खास बात यह है कि दोनों देवरानी-जेठानी रिश्तेदारी में बहनें भी हैं। हालांकि, सगी बहनें नहीं हैं। दोनों की सास सुशीला देवी कहती है कि मेरे लिए दोनों बराबर हैं। दोनों मेरी बहू हैं और बेटी भी। कोई भी जीते इससे मुझे कोई परेशानी नहीं…।

उपाध्यक्ष को लेकर असमंजस की स्थिति- इसके लिए 3 दावेदार

नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद के लिए सम्मेलन 15 अक्टूबर को सुबह 10.30 बजे से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में होगा। कांग्रेस से अगर उपाध्यक्ष चुना जाता है, तो 3 दावेदार प्रमुख रहेंगे। इसमें 3 बार के पार्षद शांताराम ठाकरे, दो बार के पार्षद अनीशा राजेश पटेल, कैलाश पटेल की दावेदारी हो सकती है।

नपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चयन जोड़तोड़ की राजनीति के आधार पर तय होंगे। नपा चुनाव में कांग्रेस को 12, भाजपा को 10 वार्डों में जीत मिली है। दोनों ही दलों का दावा है कि उनके पार्षद भी हमारे संपर्क में हैं, लेकिन कांग्रेस पहले ही अपने पार्षदों को तीर्थदर्शन पर ले गई। भाजपा में भी उठापटक का दौर है। दो निर्दलीयों में से एक ने पिछले दिनों भाजपा को समर्थन दे दिया, जबकि दूसरी पार्षद ने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की।

दोनों दलों का अपने अध्यक्ष बैठाने का दावा

नगर पालिका चुनाव में 10 वार्ड में ही जीत मिलने के बाद भाजपा दावा कर रही है कि अध्यक्ष उन्हीं का बैठेगा तो वहीं कांग्रेस को महज एक वोट का समर्थन चाहिए। कांग्रेस नेता कुछ लोगों के संपर्क में होने की बात कह रहे हैं। इधर, भाजपा नेता भी यही बात दोहरा रहे हैं। भाजपा नेता 4 पार्षदों का समर्थन हासिल करने की बात कह रहे हैं। अगर जोड़तोड़ की राजनीतिक सफल हुई तो ऐसे में भाजपा भी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष दोनों बैठा सकती है। हालांकि, सारी स्थिति 15 अक्टूबर को सम्मेलन के बाद ही स्पष्ट होगी।

27 सितंबर को हुआ था पार्षद पद का मतदान, 30 को परिणाम आए

नेपानगर नगर पालिका पार्षद चुनाव के लिए मतदान 27 सितंबर को हुआ। 30 सितंबर को परिणाम सामने आए थे। अब नपाध्यक्ष का चयन पार्षद करेंगे। नगर में 24 वार्ड हैं। कांग्रेस को 12 वार्ड में जीत मिली। जबकि भाजपा के खाते में 10 सीटें आई। 2 निर्दलीय भी चुनाव जीते। अब अध्यक्ष पद की कवायद चल रही है। इससे पहले कांग्रेस के 12 पार्षद तीर्थदर्शन पर चले गए हैं जो चुनाव वाले दिन ही नगर में आएंगे तो वहीं भाजपा ने अपने 10 पार्षदों के अलावा एक निर्दलीय का समर्थन हासिल कर लिया है। इस तरह भाजपा के पास 11 पार्षद होने से 2 पार्षदों का समर्थन और चाहिए तो वहीं कांग्रेस को महज एक पार्षद का समर्थन चाहिए। नपाध्यक्ष के लिए सम्मेलन 15 अक्टूबर को सुबह 10.30 बजे से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था भवन में होगा। जिसमें पहले पार्षदों की शपथविधि होगी फिर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव होगा।

अध्यक्ष पद की दावेदारी में शामिल इन प्रत्याशियों को चुनाव में मिले वोट

वार्ड

विजयी प्रत्याशी

पार्टी

वोट मिले

8

मीना राजेश चौहान

भाजपा

327

12

चंचला विजय यादव

भाजपा

339

16

भारती विनोद पाटिल

कांग्रेस

367

24वैशाली सुजीत पाटिलभाजपा255

भाजपा ने नहीं घोषित किया प्रत्याशी

कांग्रेस की ओर से चुनाव से काफी पहले ही नपाध्यक्ष प्रत्याशी का नाम घोषित कर दिया गया था तो वहीं भाजपा में अब तक भी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। पार्टी में तीन अध्यक्ष पद के दावेदार हैं, लेकिन पिछले कुछ चुनावों से भाजपा ऐन वक्त पर अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर रही है। इससे पहले नगर परिषद शाहपुर, जनपद पंचायत बुरहानपुर, जनपद पंचायत खकनार में भी अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा ऐन वक्त पर की गई थी। बताया जा रहा है कि चुनाव प्रभारी इकबाल सिंह गांधी के साथ संगठन के लोगों की बैठक होगी। जिसमें नाम फाइनल किया जाएगा।

भाई की पत्नी के लिए छोड़ा वार्ड, वहां जीती भाजपा, खुद की पत्नी कांग्रेस से जीती

कांग्रेस नेता विनोद पाटिल ने अपने भाई सुजीत पाटिल के लिए वार्ड 24 से चुनाव नहीं लड़ा। वहां की बजाए उन्होंने अपनी पत्नी भारती पाटिल को वार्ड 16 से चुनाव लड़वाया और दो बार के पार्षद प्रदीप दवे की पत्नी वैषाली दवे को षिकस्त दी, लेकिन जो वार्ड उन्होंने अपने भाई के लिए छोड़ा वहां भाजपा यानी उनके ही भाई की पत्नी जीती।

अब ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि नपाध्यक्ष चुनाव में अगर वैषाली पाटिल खड़ी नहीं हुई तो उनका वोट किसे जाएगा। अगर भाजपा में जाएगा तो भाजपा के वोट 12 हो जाएंगे। एक निर्दलीय को शामिल कर भाजपा अपना अध्यक्ष बैठा सकती है, लेकिन अगर कांग्रेस में गया तो कांग्रेस को केवल एक ही वोट चाहिए। ऐसे में कांग्रेस का अध्यक्ष बन सकता है। राजनीतिक जानकार इस स्थिति पर ही ज्यादा फोकस कर रहे हैं, क्योंकि वैशाली पाटिल भी अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रही है।

निर्दलीय ने समर्थन दिया तो देवरानी अध्यक्ष, देवरानी ने वोट दिया तो जेठानी

अध्यक्ष का चयन दिलचस्प मोड़ पर है। बताया जा रहा है कि सुजीत पाटिल अपनी पत्नी के समर्थन में निर्दलीयों के संपर्क में हैं। अगर निर्दलीय ने भाजपा को समर्थन दिया तो देवरानी यानी वैशाली पाटिल अध्यक्ष बन सकती है और यदि खुद देवरानी ने जेठानी के समर्थन में वोट किया तो जेठानी अध्यक्ष बन सकती है, क्योंकि कांग्रेस को सिर्फ एक वोट की जरूरत है। पूरा दारोमदार दो निर्दलीय और एक देवरानी पर है। अध्यक्ष चयन को लेकर भाजपा की रणनीति प्रमुख होगी कि पार्टी किसे दावेदार बनाती है। अध्यक्ष पद के दावेदार अपने अपने स्तर से जुगाड़ में लगे हैं।

खबरें और भी हैं…

error: Content is protected !!