गेमिंग की लत ने BA स्टूडेंट को बनाया ‘किडनैपर’: 50 हजार के लिए खुद की किडनैपिंग की; यूट्यूब से सीखी फेक कॉलिंग

उज्जैनएक घंटा पहले

अगर आपके घर में कोई बच्चा मोबाइल गेम खेलता है, तो ये खबर अलर्ट करने वाली है। उज्जैन में मोबाइल गेम की लत ने BA के एक स्टूडेंट को ‘किडनैपर’ बना दिया, जबकि इससे पहले तक वह आर्मी में जाने की तैयारी कर रहा था। दरअसल युवक ऑनलाइन गेम में 50 हजार रुपए हार गया था। पैसे वापस पाने के लिए खुद की किडनैपिंग की साजिश रच डाली। उसने परिवार वालों को फोन कर फिरौती मांगी। इसके लिए उसने यूट्यूब से फेक कॉलिंग करना भी सीखा। पुलिस ने जांच की, तो पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने शनिवार को छात्र को गिरफ्तार कर लिया।

उज्जैन से करीब 35 किलोमीटर दूर नांदेड़ है। यहां का रहने वाला नितेश (20) माधव कॉलेज में BA फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। वह उज्जैन में ही रहकर आर्मी में जाने की तैयारी भी कर रहा था। 13 अक्टूबर को अचानक नितेश लापता हो गया। इधर, परिवार वालों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। शुक्रवार यानि 14 अक्टूबर को छोटे भाई विकास के मोबाइल पर इंटरनेशनल नंबर से मैसेज आया। मैसेज में लिखा था- नितेश का अपहरण कर लिया गया है। उसके अकाउंट में 50 हजार रुपए डाल दो, नहीं तो नितेश को मार डालेंगे। विकास ने मैसेज परिवार के लोगों को बताया। घबराकर खाते में रुपए डाल दिए गए। इसके बावजूद नितेश नहीं आया, तो पुलिस एक्शन में आ गई।

नितेश के खाते की जांच से खुला मामलाजांच में पता चला कि नितेश के खाते से रुपए गेमिंग पोर्टल में ट्रांसफर हुए हैं। पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। जानकारी निकाली, तो पता चला कि नितेश को गेमिंग का शौक है। हाल ही में वह गेम में 50 हजार रुपए हार गया था। इस बीच, शुक्रवार को परिवारवालों के पास कॉल आया कि नितेश रात में नागदा के पास रेलवे स्टेशन पर मिल जाएगा। पुलिस जब खोजते हुए पहुंची, तो वह अर्द्धनग्न हालत में बंधा हुआ मिला। शक के आधार पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरी कहानी उगल दी।

सीएसपी ने युवक से पूछताछ की। इसके बाद उसने बताया कि वह ऑनलाइन गेम में 72 हजार रुपए हार गया था। पैसों की जरूरत पड़ने पर खुद के अपहरण की साजिश रची।

सीएसपी ने युवक से पूछताछ की। इसके बाद उसने बताया कि वह ऑनलाइन गेम में 72 हजार रुपए हार गया था। पैसों की जरूरत पड़ने पर खुद के अपहरण की साजिश रची।

पढ़ाई के दौरान लगी ऑनलाइन गेम की लतनितेश होनहार छात्र रहा है। 10वीं में उसे 67% और 12वीं में बायो विषय में 68% मार्क्स मिले थे। इसके बाद देश सेवा का जुनून लेकर गांव से उज्जैन में सेना भर्ती की तैयारी के लिए आ गया। यहां वह कंचनपुरा में रहने लगा। इस दौरान उसे मोबाइल पर ‘LULUMALLS VIP’ नाम का गेम खेलने की लत लग गई।

गेम में डबल होकर मिलता है पैसानितेश ने उज्जैन में रहने के दौरान टेलीग्राम एप पर ‘LULUMALLS VIP’ नामक लिंक पर गेम खेला। शुरू में 400, 600 और 1000 रुपए तक जीते, फिर कभी जीतता और कभी हारता रहा। इस बीच 22 हजार रुपए जीतने के बाद गेमिंग की लत लग गई। गेम में पैसा डबल होकर मिलता था। जिसकी लिमिट नहीं थी और सिर्फ 10 रुपए से भी अकाउंट खुल जाता था। कलर प्रिडिक्शन करना होता था। स्क्रीन पर तीन कलर की पट्टी आती थी। उसमें से एक कलर को सिलेक्ट करना होता है। इस दौरान लगातार गेम खेलते-खेलते 72 हजार रुपए हार गया।

‘LULUMALLS VIP’ गेम की होम स्क्रीन कुछ इस तरह दिखाई देती है। शुरुआत में नितेश ने इस गेम में कुछ हजार रुपए जीते, फिर जैसा कि हर ऑनलाइन गेम में होता है, लत लगने के बाद वो लगातार रकम हारता चला गया।

‘LULUMALLS VIP’ गेम की होम स्क्रीन कुछ इस तरह दिखाई देती है। शुरुआत में नितेश ने इस गेम में कुछ हजार रुपए जीते, फिर जैसा कि हर ऑनलाइन गेम में होता है, लत लगने के बाद वो लगातार रकम हारता चला गया।

यूट्यूब से सीखी फेक कॉलिंगपूछताछ में आरोपी नितेश ने बताया कि वह गेम में 72 हजार रुपए हार गया था। फिर सोचा- हारे हुए रुपयों को जीतने के लिए 50 हजार की जरूरत होगी। कोई रास्ता नहीं सूझा, तो सोचा कि खुद के अपहरण की साजिश रचकर परिवार वालों से पैसे मांग लिए जाएं। कॉल के लिए नितेश ने यूट्यूब पर फेक कॉल करने का तरीका खोजा। इंटनेशनल नंबर से वॉट्स एप कॉलिंग कर फिरौती मांगी।

कैसे चलता है गोरखधंधानितेश ने पूछताछ में बताया कि कोई भी टेलीग्राम पर जाकर इस गेम को खेल सकता है। मात्र 10 रुपए से शुरुआत कर कितने भी रुपए लगा सकता है। इसके लिए बकायदा अकाउंट बनाना होता है। उसमें सारी जानकारी भरने के बाद खेल शुरू किया जा सकता है।

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