सागर में गांजा तस्करों को कैद: उत्कल एक्सप्रेस से गांजे की कर रहे थे तस्करी, GRP ने साढ़े 7 किलो गांजे के साथ दबोचा था

सागर26 मिनट पहले

कॉपी लिंकप्रतिकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar

प्रतिकात्मक फोटो।

सागर में जीआरपी थाना के गांजा तस्करी मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट संजय अग्रवाल की कोर्ट ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए आरोपी प्रीतम पुत्र नन्ना अहिरवार उम्र 37 साल निवासी ग्राम हिंगवानी दमोह और गजराज पुत्र गफलुआ अहिरवार उम्र 28 साल निवासी देवपुर छतरपुर को दोषी पाते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी विशेष लोक अभियोजक व एडीपीओ पारस मित्तल ने की।

जिला अभियोजन के मीडिया प्रभारी सौरभ डिम्हा ने बताया कि 22 नवंबर 2019 को जीआरपी थाना सागर की रेल पुलिस चौकी दमोह में मुखिबर से सूचना मिली थी कि ग्राम हिंगवानी जिला दमोह का प्रीतम अहिरवार अपने साथी गजराज के साथ पुरी की ओर से आने वाली उत्कल एक्सप्रेस से दमोह स्टेशन पर उतरा है। जिसके पास दो बैग हैं। जिनमें गांजा है। वे स्टेशन पर ग्राहक का इंतजार कर रहे है। सूचना मिलते ही जीआरपी टीम कार्रवाई के लिए रवाना हुई।

टीम ने कार्रवाई करते हुए दमोह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर सागर छोर की ओर लगे बोर्ड के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धरदबोचा। तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद पिट्‌ठू बैगों से 7 किलो 600 ग्राम गांजा बरामद हुआ। मामले में गांजा जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया। जांच पूरी होने पर प्रकरण का अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले में सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े साक्ष्य और दलीले पेश की। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना। जिसके बाद फैसला सुनाते हुए आरोपी प्रीतम और गजराज को सजा सुनाई है।

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