सूदखोरों से परेशान युवक ने की आत्महत्या: मां से बोला- अब नहीं मिल सकूंगा, पिता से कहा- आखिरी बार मदद कर दो

बैतूल16 मिनट पहले

मृतक मयंक रावत।

सूदखोरों से परेशान एक युवक ने बैतूल के टिकारी इलाके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने अपनी बेबसी पिता और मां से बयान की थी। उसे दोनों ने समझाया भी, लेकिन कर्जदारों के तकादों से परेशान होकर वह फांसी पर झूल गया। देर शाम युवक का पीएम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

परिजनों ने सूदखोरों पर प्रताड़ना के आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है। पिता मुकेश रावत ने बताया कि बेटे मयंक ने फोन कर उन्हें बताया था कि वह कर्ज से बहुत परेशान है और आत्महत्या कर रहा। उन्होंने उसे समझाया भी, लेकिन जब तक वे घर पहुंचे, तब तक बेटा फांसी लगा चुका था।

परिवार के बयान पर होगी कार्रवाई

टिकारी के प्रताप वार्ड में रहने वाले मयंक पिता मुकेश रावत ने बुधवार दोपहर बाद अपने घर में फांसी के फंदे पर झूल कर आत्महत्या कर ली। जब तक उसका शव फंदे से उतारते, तब तक उसकी जान जा चुकी थी। घटना के बाद पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक, परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पहले भी बैतूल में कर्ज परेशान होकर आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन मामूली धाराएं लगने से सूदखोरों पर कोई असर नहीं पड़ रहा और लोग परेशान होकर आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।

परिवार ने 80 लाख का कर्ज चुकाया

युवक की मौत के बाद खुलासा हुआ है कि उस पर 20 से ज्यादा लोगो का कर्ज था। जिसे उसके शिक्षक माता-पिता चुका भी रहे थे। मयंक के पिता के मुताबिक, वे करीब 80 लाख का कर्ज चुका चुके है। उन्होंने बताया कि जब वे स्कूल जा रहे थे, तब बेटे ने उन्हें बताया था कि उस पर कुछ लोगों का भारी दबाव है।

उसे शाम चार बजे आकर बात करने को कहा था। बेटे ने कहा था आज मेरा अंतिम समय है, मेरी मदद कर दे। मां को कहा कि मैं तुम्हें मिल नहीं पाऊंगा। बाहरी लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। उस पर 20 लोगों का कर्ज था। जिसमें से मैं 80 लाख चुका चुका हूं। धमकी देने की वजह से ही उसने आत्महत्या कर ली।

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