रेत संकट पर कांग्रेसी मुखर: एक पखवाड़े में तीसरा प्रदर्शन, 27 तक हल नहीं हुआ, तो पूरे जिले में होगा चक्काजाम

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बैतूल40 मिनट पहले

बैतूल में रेत संकट से उपजी बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस मुखर है। पिछले एक पखवाड़े में कांग्रेस तीन बार प्रदर्शन कर चुकी है। आज भी कांग्रेसी रेत खरीदने कलेक्ट्रेट पहुंच गए। वे रॉयल्टी काटने की मांग कर रहे थे।कांग्रेसियों ने बैतूल में जानबूझकर रेत संकट खड़ा करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि 27 तारीख तक अगर इसका कोई निराकरण नहीं हुआ, तो कांग्रेस जिले भर में चक्काजाम करेगी।

कांग्रेसियों ने शुक्रवार को इस मामले में कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा है। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि बैतूल में रेत खदान होने के बावजूद केवल ठेकेदार के हित को देखते हुए खदानें नहीं खोली जा रही है। जिसकी वजह रेत मनमाने दाम में बिक रही है। रेत न मिलने से प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य सरकारी निर्माण भी ठप पड़े है।

इस स्थिति के लिए रेत ठेकेदार के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी जिम्मेदार है। विशेषकर खनिज विभाग के अधिकारी। जिन्होंने समय रहते सही फैसला न लेते हुए ठेकेदार के हित को देखते हुए उसे न्यायालय जाने का पूरा मौका दिया। वहीं न्यायालय में जो मामला लंबित है, वह टेंडर प्रक्रिया से संबंधित है। इसके बावजूद खनिज विभाग ने वैकल्पिक खनन को लेकर कोई रास्ता ही नहीं निकाला। इस वजह से जिले में रेत का संकट पिछले 5 महीने से चल रहा है। इससे निर्माण कार्य ठप पड़े हैं।

दिवाली हो रही सूनी

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस संकट से बाजार में पैसा नहीं है। दीपावाली जैसे मौके पर मजदूर वर्ग बेरोजगार है। इन तमाम स्थितियों से पूर्व में भी अवगत कराया गया था। लेकिन प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। प्रशासन चाहे तो पंचायतों के माध्यम से कुछ खदानों का संचालन कर रेत का संकट दूर कर सकता है।

लेकिन राजनैतिक दबाव में ठेकेदार के हित में यह फैसला भी नहीं ले रहा है। ठेकेदार के हित को ध्यान में रखते हुए अन्य जिलों से रायल्टी पर रेत लाने वालों को अलग-अलग तरीके से परेशान किया जा रहा है। जिसमें प्रशासनिक अधिकारी भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे है। हमारी मांग है कि खदानों का संचालन अविलंब शुरू किया जाए।

प्रशासन चलाए खदानें

जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता तब तक स्वयं प्रशासन खनिज विभाग के माध्यम से खदानें संचालित करें या फिर पंचायतों के माध्यम से खदानें संचालित करें । साथ ही अब तक शासन को जो राजस्व का नुकसान हुआ है उसकी रिकवरी खनिज अधिकारी और ठेकेदार से की जाए। कार्यवाहक जिलाध्यक्ष हेमंत वाग्दरे ने कहा कि अगर 27 अक्टूबर तक कोई हल नहीं निकला, तो कांग्रेस पूरे जिले में चक्काजाम, धरना, प्रदर्शन करेगी।

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